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कल मनाई जाएगी मिथुन संक्रांति, जानें शुभ मुहूर्त और सू्र्यदेव की पूजा विधि

The change of zodiac sign of Sun is called Sankranti. There are 12 Sankranti in a year out of which Mithun Sankranti is one.

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14जून। सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है. सालभर में 12 संक्रांति आती हैं जिनमें से मिथुन संक्रांति एक है. मिथुन संक्रांति के दिन सूर्य का वृषभ राशि से मिथुन राशि में गोचर होता है. इस साल मिथुन संक्रांति 15 जून 2021 को मनाई जाएगी. ज्येष्ठ माह में सूर्यदेव मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं जिस कारण इसे मिथुन संक्रांति कहा जाता है. इस दिन सूर्यदेव की विशेष पूजा की जाती है।
मिथुन संक्रान्ति पुण्य काल मुहूर्त
मिथुन संक्रान्ति मंगलवार, जून 15, 2021 को
मिथुन संक्रान्ति पुण्य काल – 06:17 ए एम से 01:43 पी एम
अवधि – 07 घण्टे 27 मिनट्स
मिथुन संक्रान्ति महा पुण्य काल – 06:17 ए एम से 08:36 ए एम
अवधि – 02 घण्टे 20 मिनट्स

पूजा विधि
सूर्यदेव की पूजा के लिए सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें. इसके पश्चात् उगते हुए सूर्य का दर्शन करते हुए उन्हें ॐ घृणि सूर्याय नम: कहते हुए जल अर्पित करें. सूर्य को दिए जाने वाले जल में लाल रोली, लाल फूल मिलाकर जल दें. सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात्प लाल आसन में बैठकर पूर्व दिशा में मुख करके सूर्य के मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।

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