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वित्त मंत्री अमित मित्रा ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लिखी चिट्ठी, जाने क्या है मामला

समग्र समाचार सेवा
कोलकत्ता, 17जून। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के कच्चे माल के डिवीजन मुख्यालय को बंद करने और उसे राउरकेला या बोकारो में शिफ्ट करने के फैसले का विरोध बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा भी नाराज दिखे। इस मामलें को लेकर राज्य के वित्त मंत्री ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें उन्होंने सेल बोर्ड को फैसले पर दोबारा विचार करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

अमित मित्रा ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री को लिखे पत्र में लिखा है कि आरएमडी यूनिट बंद करने के फैसले से बंगाल के दुर्गापुर और बर्नपुर यूनिट को कच्चे माल (लौह अयस्क) की आपूर्ति का कोई स्रोत नहीं बचेगा। सेल आरएमडी (कोलकाता) के कर्मचारी कोरोना संकट के समय बेहद बुरे दौर से गुजर रहे हैं. इसे बंद करने का फैसला लिया गया तो बंगाल में स्थित दुर्गापुर और बर्नपुर इस्पात संयंत्रों का काम हद तक बाधित होगा. फैसले पर फिर विचार करना चाहिए।

टीएमसी भी जता चुकी है विरोध

दूसरी ओर, टीएमसी नेता शुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि आरएमडी की स्थापना बंगाल में स्थित देश के प्रमुख इस्पात संयंत्रों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने के लिए किया गया था. तृणमूल नेता ने कहा कि वित्त वर्ष 2020- 21 में सेल ने लगभग 3470 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है और इसके पीछे आरएमडी, कोलकाता का महत्वपूर्ण योगदान है।बावजूद इसके यदि केंद्र सरकार इसे बंद करती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा।

बता दें कि हाल में कंपनी के बोर्ड ने कोलकाता में डिवीजन मुख्यालय को बंद करने और अपनी खानों का नियंत्रण उनके स्थान पर राउरकेला स्टील प्लांट (ओडिशा) और बोकारो स्टील प्लांट (झारखंड) को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है. इस बीच, सेल के कर्मचारियों ने वेतन संशोधन की मांग को लेकर 30 जून को हड़ताल का आह्वान किया है. ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के फैसले से कंपनी की उत्पादन और खनन गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

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