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फर्जी कोरोना टेस्टिंग मामले में के सम्बन्ध में सात दिन के भीतर रखें अपनी बात: मुख्य विकास अधिकारी

समग्र समाचार सेवा
देहरादून,19 जून । हरिद्वार कुंभ में कोविड-19 की रैपिड एंटीजन/आर0टी0पी0सी0आर0 टेस्ट करने वाली संस्था ‘‘मैक्स कॉरपोरेट सर्विस कुम्भ मेला’’ एवं नलवा लैबोरेट्रीज प्राईवेट लिमिटेड हिसार एवं डा0लालचंदानी लैब दिल्ली के द्वारा सैंपल कलेक्शन की फर्जी एन्ट्री एवं फर्जी रिजल्ट देने हेतु गठजोड़ कर उत्तराखण्ड राज्य को भारी वित्तीय हानि पहुंचाने की जांच मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार की अध्यक्षता में गठित जांच समिति द्वारा की तीव्र गति से प्रगति पर है। जांच को धार देने के उद्देश्य से सन्दर्भित प्रकरण में जनसामान्य अथवा संस्था/लैब से सम्बन्धित किसी व्यक्ति को अपना पक्ष/साक्ष्य प्रस्तुत 07 दिवस के भीतर जांच समिति अध्यक्ष/मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार कक्ष, विकास भवन रोशनाबाद में अपनी आपत्ति/पक्ष पंजीकृत डाक/मेल आई0डी cdorti.har@gmail.com अथवा स्वयं उपस्थित होकर दर्ज करसणी के लिए कहा जा रहा है।
फर्जी कोरोना टेस्टिंग मामले में पुलिस के सीएमओ हरिद्वार की तरफ से हरिद्वार शहर कोतवाली में प्राइवेट कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जिसकी जांच मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार की अध्यक्षता में गठित जांच समिति द्वारा की जा रही है। अब ।
कोरोना जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद मैसर्स मैक्स कारपोरेट सर्विस के साथ ही हरियाणा की नलवा लैबोरेटरी और दिल्ली की डा.लाल चंदानी लैब के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इन तीनों पर महामारी एक्ट के साथ ही आपराधिक षडयंत्र रचने और सरकारी धन हड़पने के लिए जालसाजी करने का आरोप है। मामले की एसआइटी जांच के आदेश भी हो चुके हैं। जबकि प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर अलग से मामले की जांच की जा रही है।
आरोप है कि नामजद संस्थाओं ने कोरोना जांच के नाम पर फर्जी एंट्री की। ज्यादातर एंट्री राज्य के बाहर की लोकेशन पर दिखाई गई। एक ही पते और एक ही मोबाइल नंबर के पंजीकरण पर कई सैंपल होना दर्शाया गया। इन संस्थाओं पर आरोप है कि उन्होंने कोरोना जांच की फर्जी एंट्री कर मानव जीवन को खतरे में डाला और साजिशन राज्य के साथ धोखाधड़ी की। वहीँ कई लोगों का माना है की इतना बड़ा फर्जीवाडा बगैर वरिष्ठ अधिकारीयों की संलिप्त के मुमकिन नहीं है है और जासंह इस बिंदु पर भी होनी चाहिए जो की दूध का दूध और पानी का पानी हो जाये और असली अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्यवाही हो सके।

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