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अर्थव्यवस्था सामान्य दिनों की तरफ लौटने के लिए टीकाकरण में तेजी ही एकमात्र रास्ता- डॉ. वीके पॉल

Dr. VK Paul, Member (Health) of NITI Aayog has informed that after the implementation of revised guidelines for covid vaccination,

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 22जून। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने बताया है कि कोविड टीकाकरण के संशोधित दिशा-निर्देश लागू होने के बाद, पहले दिन ही वैक्सीन की लगभग 81 लाख खुराकें लगाई गईं।

दूरदर्शन से बात करते हुये डॉ. पॉल ने कहा कि पहले दिन के टीकाकरण के आंकड़े यह साबित करते हैं कि तमाम दिनों और सप्ताहों तक लगातार बड़े पैमाने पर टीकाकरण करने की क्षमता भारत के पास है। उन्होंने कहा, “यह सब केंद्र सरकारऔर राज्य सरकारों के बीच के समन्वय और योजना के बदौलत संभव हो सका, जो अभियान के तौर पर इस काम को अंजाम दे रहे हैं।”
डॉ पॉल ने याद दिलाया कि यदि कोविड से बचने के लिये उचित व्यवहार किया जाये और साथ में ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीके लगा दिये जायें, तो तीसरी लहर को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर कोविड को देखते हुये हम उचित व्यवहार करें और अपने को टीका लगवा लें, तो तीसरी लहर क्यों आयेगी? ऐसे तमाम देश हैं, जहां दूसरी लहर नहीं आई। अगर हम कोविड उचित व्यवहार का पालन करेंगे, तो यह समय भी गुजर जायेगा।”

नीति आयोग के सदस्य ने तेज टीकाकरण के महत्व को रेखांकित किया, ताकि भारत अपनी अर्थव्यवस्था को खोल सके और सामान्य कार्य-कलाप दोबारा शुरू हो सकें। उन्होंने कहा, “हमें जरूरत है कि हम अपना रोजमर्रा का काम कर सकें, अपना सामाजिक जीवन जी सकें, स्कूल खुल जायें, व्यापार चलने लगें, हम अपनी अर्थव्यवस्था की देखभाल कर सकें, तो हम ये सब तभी कर सकते हैं, जब हम तेज गति से टीकाकरण करेंगे।”

एनटीएजीआई के अध्यक्ष ने इस बात पर बल दिया कि टीकाकरण के प्रति अफवाहों और गलतफहमियों को दूर करने के लिये जन-भागीदारी और जागरूकता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, “जन-भागीदारी और जन-जागरण, टीकाकरण के भय को मिटाने के लिये बहुत अहम हैं। आखिर में यह लोगों के ही वश में है कि वे आगे आयें और टीके लगवायें।” उन्होंने टीकाकरण के बारे में जागरूकता फैलाने की तैयारियों का जिक्र किया और बताया कि आशा कर्मियों तथा अग्रिम मोर्चे के कर्मियों ने मैदानी स्तर पर काम शुरू कर दिया है, ताकि वैक्सीन के प्रति हिचक और शंका को दूर किया जा सके।

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