Site icon Samagra Bharat News website

विशेषज्ञों ने दी जानकारी, डेल्टा प्लस वैरिएंट के क्या होंगे लक्षण, कैसे बनाएगा लोगों को अपना शिकार

People have not yet got relief from the second wave of Corona, only then the new variant of Corona Delta Plus has created a ruckus

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28जून। कोरोना की दूसरी लहर से अभी लोगों को राहत मिली नही है तभी देश में कोरोना के नए वेरिएंट डेल्टा प्लस ने आफत मचा कर रख दिया है। देश के चार राज्यों में अब तक डेल्टा प्लस नें एंट्री ले ली है और अपना आतंक दिखाना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों से बातचीत के दौरान अब एक नई और खतरनाक बात सामने आई है। विशेषज्ञों ने बताया कि डेल्‍टा प्‍लस वैरिएंट फेफड़ों पर तेजी से चिपकता है।

हालांकि यह वैरिएंट यूपी में नहीं मिला है, लेकिन चिकित्सा विज्ञानियों का कहना है कि यह फेफड़ों की कोशिकाओं के रिसेप्टर पर दोगुना तेजी से चिपकेगा। खतरनाक निमोनिया और अंगों में सूजन की आशंका भी ज्यादा होगी।

डेल्टा प्लस के लक्षण

मेडिकल कालेज के फिजिशियन डा. अरविंद ने बताया कि कोरोना वायरस की सतह पर मिलने वाला स्पाइक प्रोटीन कोशिकाओं से चिपककर शरीर में पहुंचता है। डेल्टा प्लस वैरिएंट में वायरस के स्पाइक प्रोटीन में बदलाव देखे गए हैं, जो कोशिकाओं के रिसेप्टर से और तेजी से चिपकेगा।
मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलाजिस्ट डा. अमित गर्ग ने बताया कि गुजरी लहर में डेल्टा वायरस सक्रिय रहा होगा, जिसकी प्रोटीन में बदलाव हुआ है। ऐसे में डेल्टा प्लस के बारे में रिसर्च की जा रही है। हालांकि दुनिया के कई देशों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में भारत जैसे ज्यादा जनसंख्या घनत्व वाले देश को बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा वायरस में म्यूटेशन से जरूरी नहीं कि यह खतरनाक और संक्रामक ही बनेगा। कमजोर भी पड़ सकता है।

सांस व छाती रोग विशेषज्ञ डा. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि डेल्टा प्लस अन्य वैरिएंट से 40-60 फीसद ज्यादा संक्रामक है। यह लंग्स में पिछले स्ट्रेन की तुलना में तेजी से चिपकेगा, लिहाजा निमोनिया ज्यादा गंभीर हो सकता है। प्रोटोकाल का पालन करें। नियमित योग कर फेफड़ों को मजबूत रखें।

सांस व छाती रोग विशेषज्ञ डा. वीएन त्यागी ने कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट सिर्फ 15 सेकंड के संपर्क में एक से दूसरे में फैल सकता है। दो और साल तक कोरेाना संक्रमण बने रहने की आशंका है। तीसरी के बाद भी लहरें आएंगी, और वायरस कमजोर पड़ता जाएगा।

ये रखें सावधानी

मास्क नियमित रूप से पहनें। पहनने का तरीका भी ठीक हो।
छह फुट की दूरी पर रहकर बात करें। दूसरे स्थानों पर जाने पर बंद कमरे में मास्क न हटाएं।
बाहर से आएं तो तत्काल हाथ धोएं। बाहर निकलें तो सैनिटाइजर रखें
अस्पताल, माल, बाजार या भीड़ में बेवजह न जाएं।
वैक्सीन जरूर लगवाएं। नए वैरिएंट से भी 60 फीसद तक सुरक्षा मिल सकती है।

Exit mobile version