समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 2जुलाई। कोरोना की दूसरी लहर के चलते पिछले करीब दो महीने से प्रदेश में स्वास्थ्य की दृष्टि बंद हुई पर्यटन गतिविधियों के फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद अब बढ़ रही है। चरणबद्ध तरीके से अनलॉक प्रक्रिया की ओर बढ़ रही उत्तराखंड सरकार कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रदेश के पर्यटन स्थलों को पर्यटकों के लिए खोलने की शुरुआत कर दी है। इससे पर्यटन से जुड़े कारोबारियों में उत्साह है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन स्थानों का भ्रमण करने के लिए सैलानियों को कोरोना की 72 घंटे पहले आरटीपीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य होगी। एक जुलाई से चमोली जिले में समुद्रतल से 12995 फीट की ऊंचाई पर स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी को पर्यटन के लिए खोल दिया गया। जबकि इससे दो दिन पहले ही नैनीताल जिले में स्थित भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान जिम कॉर्बेट पार्क को भी पर्यटकों के लिए खोलने के साथ प्रदेशभर के तमाम संरक्षित क्षेत्रों, राष्ट्रीय पार्क, वन्य जीव विहार, जू टाइगर रिजर्व में पर्यटन गतिविधियों को खोल दिया गया है।

घाटी बहुत शानदार रूप से पर्वत श्रृंखलाओं और रमणीक ग्लेशियरों से घिरी हुई है और यह क्षेत्र औषधियों, वनस्पतियों और जीव जन्तुओं के कारण आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इन्सानों से दूर यह स्वर्ग की भूमि शीतकाल में पूरी तरह बर्फ से ढकी रहती है और ग्रीष्मकाल के आगमन पर पूरी घाटी सुन्दर व मनमोहक लैंडस्केप में तब्दील हो जाती है। जब बरसात का मौसम शुरू होता है, तो घाटी फूलों से भरा चित्र बन जाती है और पूरी जगह एक रंगीन पैलेट की तरह चमकती है। यह दिव्य स्थान कुछ दुर्लभ और लुप्तप्राय जीवों का घर भी है। फूलों की घाटी की यात्रा 16 किलोमीटर की एक जिग-जैग ट्रेल है, इस यात्रा के दौरान पर्यटक प्रकृति की सुन्दरता को देखते हुए आगे बढ़ता है जिससे उसे अपनी यात्रा कठिन नहीं लगती। हिमालय की गोद में बसी यह घाटी अपनी सुन्दर छठा के कारण पर्यटकों की यात्रा को और अधिक सुंदर और रोमांटिक बना देता है।
उत्तराखंड तुलनात्मक रूप से दूरस्थ क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद, फूलों की घाटी यात्रियों के लिए सबसे सुलभ स्थलों में से एक है। यहां यात्रा करने वाले पर्यटकों के विश्राम के लिए मार्गों में उचित मूल्यों पर होटल व होमस्टे की सुविधा उपलब्ध है। इतना ही नहीं उत्तराखंड में काम करने के साथ छुट्टियों का आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए वर्ककेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।