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गुरु पूर्णिमा के खास मौके पर इस शुभ मुहूर्त में करें गुरु चरणों की वंदना, अपने गुरू को भेंजे ये खास संदेश

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 24जुलाई। आज 24 जुलाई 2021 (शनिवार) को गुरु पूर्णिमा मनाई जा रही है। हर साल भक्त इस मौके पर गंगा स्नान व दान करते थे. लेकिन इस बार कोरोना के चलते यह पर्व शांति के साथ मनाया जाएगा। गुरु पूर्णिमा गुरु को समर्पित मानी जाती है। आषाढ़ माह की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शिष्य अपने गुरुओं की पूजा-अर्चना करते हैं. गुरु, अथार्त वह महापुरुष, जो आध्यात्मिक ज्ञान एवं शिक्षा द्वारा अपने शिष्यों का मार्गदर्शन करते हैं। इस दिन आप अपने गुरुओं को बढ़िया संदेश भेजकर उनके प्रति अपने आदर और सम्मान को प्रकट कर सकते हैं।
आज ख़ास योग बन रहा है. आज गुरु पूर्णिमा पर विष्कुंभ योग सुबह 06 बजकर 12 मिनट तक, प्रीति योग 25 जुलाई की सुबह 03 बजकर 16 मिनट तक और इसके बाद आयुष्मान योग लगेगा. ज्योतिष शास्त्र में प्रीति और आयुष्मान योग का एक साथ बनना शुभ माना जाता है. प्रीति और आयुष्मान योग में किए गए कार्यों में सफलता हासिल होती है। विष्कुंभ योग को वैदिक ज्योतिष में शुभ योगों में नहीं गिना जाता है. आज गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि जानें…

गुरु पूर्णिमा शुभ मुहूर्त:
पूर्णिमा तिथि 23 जुलाई 2021, शुक्रवार की सुबह 10 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर 24 जुलाई 2021, शनिवार की सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक रहेगी.

खास संदेश-
गुरु बिना ज्ञान नहीं ज्ञान बिना आत्मा नहीं,
ध्यान, ज्ञान, धैर्य और कर्म सब गुरु की ही देन है
गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं.

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः.
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः..

गुरु गोविन्द दोऊ खड़े का के लागूं पायं.
बलिहारी गुरु आपने जिन गोविन्द दियो बताय..
शुभ गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि-

गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर मंदिर जाकर देवी-देवता का नमन करें. इसके बाद इस मंत्र का उच्‍चारण करें- ‘गुरु परंपरा सिद्धयर्थं व्यास पूजां करिष्ये’।

इसके बाद ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पूजा अर्चना करें. इसके लिए फल, फूल, रोली लगाएं. इसके साथ ही अपनी इच्छानुसार भोग लगाएं. फिर धूप, दीपक जलाकर आरती करें।

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