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विपक्ष के हंगामे के कारण आज भी हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का मानसून सत्र, राज्यसभा में पारित हुआ एक विधेयक

Opposition uproar continues in both the houses, the speaker instructed to follow the parliamentary decorum

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28जुलाई। संसद के मानसून सत्र का बुधवार को सातवां दिन भी आधे से अधिक विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ चुका है। बार-बार पेगासस मुद्दे पर हंगामे के के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ रहा है। इस बीच राज्यसभा में जुवेनाइल जस्टिस संशोधन विधेयक 2021 पारित किया गया और सदन को 29 जुलाई सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया। लोकसभा भी कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले दोनों सदनों को 3 बजे फिर 4 बजे दोपहर दो बजे तक स्थगित किया गया था। आज की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा था। आज लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने पेगासस मुद्दे पर नारेबाजी भी की।

पेगासस जासूसी प्रकरण की जांच कराए जाने की मांग को लेकर विपक्ष ने अब तक सदन कार्यवाही नहीं चलने दी है। इसके अलावा विपक्ष तीन कृषि कानूनों और महंगाई के मुद्दों पर भी आंदोलित है। 19 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में अब तक एक भी दिन संसद की कार्यवाही ठीक से नहीं चल पाई है। संसद में हर दिन विपक्षी दलों ने हंगामा कर कार्यवाही को बाधित किया है।

शशि थरूर के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश करने पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि कांग्रेस संसद को चलने नहीं दे रही है। अगर संसद नहीं चल रही है तो आप स्थायी समिति में (पेगासस पर) ऐसी चर्चा क्यों चाहते हैं, जो संसद का विस्तार हो? उन्होंने कहा कि स्थायी समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष की शक्तियों के तहत काम करते हैं और अनुच्छेद 94 और अनुच्छेद 96 कहते हैं कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसलिए हमने लिखा है कि हम इन नियमों के तहत अध्यक्ष को हटाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आईटी पर संसदीय स्थायी समिति के 30 में से 17 सदस्यों ने (अध्यक्ष को) लिखा है कि हमें अब उन पर (शशि थरूर) भरोसा नहीं है। स्थायी समिति के अध्यक्ष को हटाने का कोई प्रावधान नहीं है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि हम सिर्फ एक सवाल पूछना चाहते हैं। क्या भारत सरकार ने पेगासस को खरीदा है? हां या नहीं। क्या सरकार ने अपने ही लोगों के खिलाफ पेगासस हथियार का इस्तेमाल किया? हमें सरकार द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सदन में पेगासस पर कोई चर्चा नहीं होगी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमारे लिए पेगासस, राष्ट्रवाद और देशद्रोह से जुड़ा मामला है। इस हथियार का इस्तेमाल लोकतंत्र के खिलाफ किया गया है। मेरे लिए, यह गोपनीयता की बात नहीं है। मैं इसे एक राष्ट्रविरोधी कृत्य के रूप में देखता हूं। नरेंद्र मोदी और अमित शाह जी ने भारत के लोकतंत्र की आत्मा पर हमला किया है। हम सिर्फ एक सवाल पूछना चाहते हैं। क्या भारत सरकार ने Pegasus को खरीद लिया है? हां या नहीं। क्या सरकार ने अपने ही लोगों के खिलाफ पेगासस हथियार का इस्तेमाल किया? हमें सरकार द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सदन में पेगासस पर कोई चर्चा नहीं होगी।

राज्य सभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि आगामी जनगणना पहली डिजिटल जनगणना होगी और इसमें स्व-गणना का प्रावधान है। डेटा संग्रह के लिए एक मोबाइल ऐप और विभिन्न संबंधित गतिविधियों के प्रबंधन और निगरानी के लिए एक जनगणना पोर्टल विकसित किया गया है।
नित्यानंद राय ने एक लिखित जवाब में कहा है कि अवैध प्रवासी (रोहिंग्या सहित) राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं। कुछ रोहिंग्या प्रवासियों के अवैध गतिविधियों में लिप्त होने की खबरें हैं।

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