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केंद्र ने दिल्ली सरकार का एमएलए के सैलेरी बढ़ाने की प्रस्ताव को किया ख़ारिज

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली , 3 अगस्त। क्या आपको पता है कि दिल्ली का एक एमएलए 90 हजार रुपये के सेलरी और भत्ते लेता है। लेकिन इन नेताओं को इतने भर से भी संतोष नहीं…. दिल्ली सरकार ने विधानसभा मे एक बिल रखा है जिसमें एक विधायकों का मासिक वेतन 2 लाख दस हजार रुपये करने की मांग की है। ये बात और है कि केंद्र सरकार ने उनके इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
आइए आपको बताते है कि एक एमएलए को दिल्ली मे कितने और कैसे कैसे भत्ते मिलते हैं… एक विधायक की सेलरी 30 हजार रुपये है…. उसके चुनाव क्षेत्र में जाने का भत्ता मिलता है 25 हजार रुपये…. ओफिस भत्ता 15 हजार रुपये मिलता है…. टेलीफोन भत्ता भी ये विधायक दस हजार रुपये लेते है, जबकि सारी दुनिया जानती है कि सभी मोबाइल कंपनियों के पांच रुपये महीने तक के अनलिमिटेड प्लान मौजूद हैं। गाडी में पेट्रोल डालने के भी दस हजार रुपये लेते है विधायक….. इस तरह कुल 90 हजार रुपये महीना जो इन विधायकों को मिलता है वो जनता से टेक्स के रुप में वसूली राशि होती है… लेकिन इनको ये सब भी कम दिखाई दे रहा है… दिल्ली की सरकार और उनके विधायक तो लग्जरी जीवन जीना चाहते है लिहाजा उन्होने 2 लाख दस हजार रुपये महीना सेलरी लेने की डिमांड कर दी है…. लेकिन उन्हें ये नहीं पता उपर मोदी की सरकार है जो ऐसे फालतू खर्चों पर तो जनता का पैसा जाने नहीं देगी, लिहाजा हुआ भी वही… केंद्र ने दिल्ली के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
अब भी बाज नहीं आ रही दिल्ली सरकार ने इसका दूसरा रास्ता निकाला है कि दिल्ली सरकार की केबीनेट बैठक बुलाकर सेलरी मे बढोतरी की कोशिश की जा सकती है। लेकिन केजरीवाल जी…. जनता सब देख रही है…. छोटे छोटे विधानसभा इलाके है दिल्ली में… क्यो जनता की गहरी कमाई पर नजर गढ़ाए बैठे हो…. आखिर जवाब दो जनता ने ही देना है, कुछ दिन बाद चुनाव में
दिल्ली से योगराज शर्मा की रिपोर्ट…

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