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कोविशील्ड और कोवैक्सीन टीकों की मिक्सिंग पर स्टडी को DCGI ने दी मंजूरी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11अगस्त। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने भी कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन की मिक्सिंग पर स्टडी के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। यह स्टडी और क्लिनिकल ट्रायल करने की जिम्मेदारी वेल्लोर के क्रिश्चन मेडिकल कॉलेज को मिली है।

जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय दवा नियामक की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने 29 जुलाई को ही इस स्टडी को कराए जाने के लिए सुझाव दिया था।

बैठक के दौरान एक्सपर्ट कमेटी ने सीएमसी, वेल्लोर को चौथे फेज के क्लिनिकल ट्रायल किए जाने की मंजूरी देने का सुझाव दिया। इस ट्रायल में 300 स्वस्थ वॉलंटियर्स पर कोविड-19 की कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन की मिक्सिंग के प्रभाव जांचे जाएंगे।

इस स्टडी का मकसद यह जानना है कि क्या किसी व्यक्ति के पूर्ण टीकाकरण के लिए उसे एक खुराक कोवैक्सीन और दूसरी खुराकी कोविशील्ड की दी जा सकती है।

यह प्रस्तावित स्टडी हाल ही में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी (ICMR) द्वारा की गई स्टडी से अलग है। आईसीएमआर ने उत्तर प्रदेश के उन लोगों पर शोध किया था, जिन्हें गलती से दो अलग-अलग कोरोना रोधी टीकों की खुराक दे दी गई थी।

इस स्टडी के आधार पर आईसीएमआर ने कहा था कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड को मिलाकर दिए जाने से बेहतर परिणाम दिखे हैं और इससे कोविड-19 के खिलाफ अच्छी इम्यूनिटी भी बनी है। यह स्टडी मई और जून के बीच उत्तर प्रदेश के लाभार्थियों पर की गई।

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