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पाकिस्तान के रावलपिंडी में मदरसा प्रिंसिपल के हैवानियत का शिकार हुई नाबालिग लड़की

समग्र समाचार सेवा
इस्लामाबाद, 22अगस्त। आतंकी मुल्क पाकिस्तान रेप मामलों में भी पीछे नही है। महिलाओं को लेकर इनके गंदे सोच की कहानी अब धीरे धीरे सबके सामने आ रही है क्योंकि पाकिस्तान में लगातार रेप और महिला उत्पीड़न की घटनाओं में इजाफा हो रहा है।
अभी पिछले दिनों मौलवी द्वारा अपनी बेटियों के साथ रेप करने का मामला शांत नही हुआ कि अब एक मदरसे के प्रिंसिपल की हैवानियत का शिकार हुई नाबालिग लड़की का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं ऐहा कहा जा रहा है कि इस मामले में एक महिला टीचर भी शामिल है। फिलहाल दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
बता दें कि इस साल अब तक पाकिस्तान में 23 सौ नाबालिग लड़कियों के रेप और यौन शोषण के मामले सामने आ चुके हैं। वहीं मानवाधिकार आयोग ने भी पाकिस्तान में यौन उत्पीड़न को लेकर चिंता जताई है।

पाकिस्तान में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन गया है क्योंकि देश के विभिन्न हिस्सों से बलात्कार, यौन उत्पीड़न की रोजाना घटनाएं हो रही हैं। वहीं रेप के मामलों की बढ़ती संख्या के बावजूद सरकार खामोश है और लोगों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। यहां तक ​​कि नाबालिग लड़कियां भी स्कूलों और मदरसों में सुरक्षित नहीं हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में रावलपिंडी में एक मदरसे के प्रिंसिपल और एक महिला टीचर के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पीड़िता ने कहा कि मदरसा प्रिंसिपल पिछले पांच से छह महीने से उसे परेशान करने की कोशिश कर रहा था और उसके साथ यौन संबंध बनाना चाहता था। जबकि इस मामले में एक महिला टीचर भी उसका साथ दे रही थी।

वहीं एक अन्य घटना में, एक लड़की ने आरोप लगाया कि उसके एक सहपाठी ने उसके साथ बलात्कार किया और उसके बाद वह लगातार उसे ब्लैकमेल भी कर रहा है। उसने प्राथमिकी में कहा कि उसे उसके एक साथी ने पढ़ाई के बहाने फंसाया और एक घर ले जाया गया जहां उसे पीने के लिए कोल्ड ड्रिक्स दी गई और इसके बाद वह बेहोश हो गई और उसके बाद उसके दोस्त ने उसके साथ रेप किया।

90 फीसदी मामलों में दर्ज नहीं होती है रिपोर्ट

पाकिस्तान में 90 फीसदी महिला उत्पीड़न और रेप के मामलों में रिपोर्ट दर्ज नहीं होती है। वहीं डॉन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में इस साल चार प्रांतों, इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र (आईसीटी), पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान (जीबी) में बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न और रेप के 2,960 बड़े अपराध दर्ज किए गए। इस में 787 बलात्कार, 89 पोर्नोग्राफी और बाल यौन शोषण के है। जबकि 80 यौन शोषण मामलों में हत्या कर दी गई। जबकि अपहरण, लापता बच्चों और बाल विवाह के मामले क्रमशः 834, 345 और 119 थे।

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