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सरकार एथलीटों को अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सभी सुविधाएं और बेहतरीन प्रशिक्षण सुनिश्चित करेगीः श्री अनुराग ठाकुर

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26 अगस्त। वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के नाम से भी जाना जाता है। लॉन्ग जंप कोच रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज, अंजू बॉबी जॉर्ज, कमाल अली खान, साई के महानिदेशक भी उपस्थित थे।

खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज नई दिल्ली में विश्व युवा चैंपियनशिप के एथलीटों के साथ बातचीत में पदक विजेताओं को बधाई दी और कहा कि भारत के अंडर 20 एथलेटिक्स चैंपियनों ने देश को गौरवान्वित किया है। खेल मंत्री कहा, “यह हमारे लिए प्रसन्नता का एक बड़ा महत्वपूर्ण क्षण है।“श्री अनुराग ठाकुर ने विश्वास व्यक्त किया कि युवा एथलीट एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक खेलों जैसी भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्टता हासिल करेंगे। मंत्री महोदय ने कहा, “हम आपको आशा भरी नजरों से देखते हैं।”

खेल मंत्री ने कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति में एथलीटों, फेडरेशन और कोचों के अच्छे प्रदर्शन के प्रयासों और पदक जीतने की सराहना की। खेल मंत्री ने कहा “कोविड-19 की चुनौती के बीच आपका उत्कृष्ट प्रदर्शन सराहनीय है। ये आसान समय नहीं था, ये सामान्य समय नहीं था।“उन्होंने एथलीटों को प्रोत्साहित किया कि बड़ा सोचें, भविष्य के लिए योजना बनाएं और अगले स्तर की प्रतियोगिता की तैयारी करें।

श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि आज भारत में विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं के लिए बड़ी संख्या में उभरते हुए खिलाड़ी हैं और सरकार युवा एथलीटों को विकसित करने तथा उन्हें पोडियम फिनिश की ओर ले जाने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सभी सुविधाएं और सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण सुनिश्चित करेगी और इस दिशा में टॉप्स के साथ-साथ विशिष्ट वर्ग के एथलीटों के प्रशिक्षण को भी शामिल किया गया है। पूर्व एथलीटों के कोचिंग के क्षेत्र में आने की सराहना करते हुए खेल मंत्री ने ऐसे और अधिक एथलीटों से युवा एथलीटों के साथ सहयोग करने और उन्हें प्रेरित करने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हम नए विचारों और सुझावों के प्रति खुली सोच रखते हैं। खेल मंत्री ने कहा कि जब हम मिलकर काम करते हैं तो हम एक मजबूत खेल संस्कृति के साथ-साथ भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

श्री अमित खत्री ने 10,000 मीटर रेस वॉक में रजत पदक जीता
 अमित खत्री ने बहादुरी के साथ सांस लेने की कठिनाई पर विजय पाते हुए विश्व एथलेटिक्स अंडर 20 चैंपियनशिप के 10,000 मीटर रेस वॉक में रजत पदक अपने नाम किया। अमित खत्री ने अग्रणी समूह में काफी समय तक गति बनाए रखी और 9,000 मीटर के निशान पर बढ़त बना ली, उन्होंने यह दूरी 42:17.94 समय में तय की और वो इस दूरी को 41:10.84 समय में तय करने वाले केन्या के हेरिस्टोन वानयोनी से पीछे रहे। पानी पीने के लिए बार-बार रिफ्रेशमेंट टेबल की ओर जाने से वह डेढ़ लैप पीछे रह गए नहीं तो और दूरी तक करते और स्वर्ण पदक जीतते।

सुश्री शैली सिंह ने लॉन्ग जंप में रजत पदक जीता
शैली सिंह ने महिलाओं की लंबी कूद के फाइनल में 6.59 मीटर का व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाया और अंतः रजत पदक जीतने में सफल रही। शैली सिंह के नाम राष्ट्रीय अंडर 20 रिकॉर्ड है। वे लंबी कूद की तीन महिला खिलाड़ियों में से एक है, जिन्होंने 6.35 मीटर के साथ स्वतः योग्यता हासिल की, फाइनल के अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने 6.40 मीटर की दूरी तय की।

श्री भरत श्रीधरसुश्री प्रिया मोहनसुश्री सुम्मीश्री कपिलश्री अब्दुल रजाक ने मिक्सड 4x400 मीटर रिले में कांस्य पदक जीते
भारतीय 4×400 मीटर मिक्सड रिले टीम ने नैरोबी में विश्व एथलेटिक्स अंडर 20 चैंपियनशिप के पहले दिन कांस्य पदक जीता। भरत श्रीधर, प्रिया मोहन, सुम्मी और कपिल की टीम ने 3:20.60 समय निकाला, जो सराहनीय है। टीम  नाइजीरिया (3:19.70) और पोलैंड (3:19.80) से पीछे रही और क्वॉर्टर मील स्पर्धा में भारत की प्रतिभा की गहराई की एक झलक दी। नैरोबी में 2018 में आयोजित अंडर 20 विश्व चैंपियनशिप में हिमा दास ने महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।

चार खिलाड़ियों की रिले रेस में–जिसकी शुरुआत में अब्दुल रजाक रशीद दौड़ रहे थे- ने सुबह में अंतिम चयन प्रतिस्पर्धा में 3:23:36 का समय निकाला। इसके बाद हुई दौड़ में प्रिया और सुम्मी ने महिलाओं की 400 मीटर की दौड़ की चयन प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि भरत और कपिल के प्रयास व्यर्थ न जाएं। भरत और कपिल ने रेस के अंतिम हिस्से को 46.42 सेकेंड में पूरा किया।

फेडरेशन कप जूनियर चैंपियनशिप के विजेता भरत को लीड-ऑफ लेग के लिए 47.12 के समय का श्रेय दिया गया और दक्षिण अफ्रीका के बाद दूसरे स्थान पर प्रिया को बैटन सौंप दिया। प्रिया 52.77 के समय के साथ दूसरे चरण में दौड़ने वालों में तीसरी सर्वश्रेष्ठ रहीं। सुम्मी ने भारत को पदक की दौड़ में बनाए रखा और उन्होंने 54.29 के स्कोर से अच्छा प्रदर्शन किया।

कपिल ने रेस के अंतिम हिस्से के लिए कड़ी मेहनत की लेकिन फाइनल में सबसे तेज धावक होने के बावजूद पोलैंड और नाइजीरिया के साथ अंतर को पाटने में असमर्थ रहे। उन्हें अपने तीन साथियों के प्रयासों से प्रेरित होकर, अपने हिस्से की रेस को 46.42 सेकंड में पूरा किया।

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