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जन्माष्टमी के दिन रात के 12 बजे इस तरह कराएं कान्हा को स्नान

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली , 29 अगस्त। जन्माष्टमी का त्योहार आने में मात्र एक दिन बाकी है। ऐसे में लोगों के बीच व्रऐत को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस दिन लोग भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार करते हैं और उन्हें भोग लगाते हैं। इस दिन को भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। रात के 12 बजे इनकी पूजा की जाती है। पूजा के दौरान कुछ बातों का खास ध्यान रखने व कुछ काम करने से श्रीकृष्ण की असीम कृपा मिलती है।

आइए जानते हैं रात के समय कैसे कराएं भगवान श्रीकृष्ण को स्नान:-

– रात 12 बजे नार वाले खीरे को सिक्की से काट कर बाल स्वरूप कृष्णा जी का जन्म करवाएं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, नार वाला खीरा देवकी मां के गर्भ का प्रतीक कहलाता है।
– इसके बाद शंख में दूध भरकर उनका अभिषेक करें, आप पंचामृत से भी भगवान श्री कृष्ण को स्नान करवा सकते हैं।
– इसके बाद कान्हा को नरम और मुलायम कपड़े पहनाएं, इसके साथ ही उनके सिर पर मुकुट और हाथ में बांसुरी रखेकर उन्हें झूला झुलाएं।

– इसके बाद कान्हा को माखन और मिश्री में तुलसी मिलाकर भोग लगाएं. आप खीर, पंजीरी, पेड़े आदि का भी कान्हा को भोग लगा सकती है, मगर इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी के बिना श्रीकृष्ण का भोग अधूरा माना जाता है।

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