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घूसखोरी करना इस बिहार के डीएसपी को पड़ा भारी, छापेमारी में हुआ इनकी संपत्ति का खुलासा

Bihar Police's DSP Pankaj Kumar Rawat was overshadowed by him for bribery. Respect was lost in raids and money earned from black money

समग्र समाचार सेवा
पटना, 5सितंबर। बिहार पुलिस के डीएसपी पंकज कुमार रावत का घूसखोरी करना उन्हें ही भारी पड़ गया। छापेमारी में इज्जत तो गई और काली कमाई के पैसे भी हाथ से जाने के कगार पर है। बालू के खेल में और माफियाओं के सांठगांठ की वजह से इन्होंने खूब काली कमाई की। कैश में इतना धन अर्जित किया कि उससे पटना से लेकर हरियाणा तक में कई प्रॉपर्टी खरीद लिया। रियल स्टेट से लेकर बीमा पॉलिसियों में बड़ा इंवेस्टमेंट किया। इन बातों का खुलासा आर्थिक अपराध शाखा (EOU) की छापेमारी के दरम्यान हुआ।
आर्थिक अपराध शाखा की अलग-अलग टीमों ने निलंबित डीएसपी पंकज कुमार रावत के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। आर्थिक अपराध शाखा ने नालंदा के हिलसा में पुश्तैनी घर, पटना में बोरिंग रोड वाले फ्लैट, दानापुर के नासरीगंज वाले घर पर छापेमारी की। जहां से करोड़ों की जायदाद का पता चला।
पंकज कुमार रावत ने पटना के दीघा बगीचा इलाके में जमीन, एसके पुरी थाना के तहत बोरिंग रोड में फ्लैट, दानापुर के शताब्दी मॉल में दो दुकान और हरियाणा के फरीदाबाद में एक फ्लैट खरीद रखा है। इसके अलावा LIC, बजाज एलियांज में बड़े इंवेस्टमेंट और खरीदी गई प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट्स टीम के हाथ लगे हैं। काली कमाई के जरिए खरीदी गई सारी प्रॉपर्टी और दूसरे इंवेस्टमेंट, डीएसपी, उनकी पत्नी और परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम पर है।
डीएसपी पंकज रावत ने हर साल दिए जाने वाले प्रोपर्टी डिक्यरलेशन में काफी सारी जानकारियां नहीं दी थी। बहुत कुछ छिपा रखा था। EOU की टीम ने बरामद प्रॉपर्टी के डिटेल्स और इंवेस्टमेंट का मिलान सरकार को दिए प्रोपर्टी डिक्यरलेशन से किया। ADG नैयर हसैनन खान के अनुसार छापेमारी के दौरान उनकी टीम को कई और महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स मिले हैं। इसकी पड़ताल चल रही है।
बता दें कि पंकज कुमार रावत के उपर लंबे वक्त से नजर रखी जा रही थी। इनके काम-काज के तरीके को वॉच किया जा रहा था। संदिग्धों, विचौलियों और बालू माफियाओं के साथ इनके संबंध बहुत अच्छे थे। बालू के गैर कानूनी धंधे में माफियाओं का यह भरपूर साथ दे रहे थे। इसी वजह से इनके खिलाफ राज्य सरकार ने पहले इंटरनल जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। जिसके बाद 3 सितंबर को EOU ने पटना में आय से अधिक संपत्ति की FIR नंबर 15/2021 दर्ज की। साथ में कोर्ट से सर्च वारंट लिया।

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