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अमरुल्लाह सालेह संयुक्त राष्ट्र को लिखा पत्र, कहा- जल्दी कुछ किजिए नहीं हो सकता है नरसंहार

Amrullah Saleh, the acting President of Afghanistan, is also constantly challenging the Taliban. He is haunted by the fear of genocide

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 6सितंबर। तालिबान ने अफगानिस्‍तान पर पूरी तरह कब्‍जा कर लिया है। अब तालिबान वहां सरकार बनाने की कोशिशों में लगी है, लेकिन पंजशीर पर अब भी उसके खिलाफ जंग जारी है। अफगानिस्‍तान के कार्यकारी राष्‍ट्रपति अमरुल्‍लाह सालेह भी तालिबान को लगातार चुनौती दे रहे हैं। उन्‍होंने नरसंहार का डर सता रहा है जिसके लिए उन्होंने संयुक्‍त राष्‍ट्र को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है।
सालेह ने संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक नेताओं से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने तालिबान से सुरक्षित अफगानिस्तान के अंतिम गढ़ पंजशीर को बचाने के लिए अपने संसाधनों को तुरंत जुटाने के लिए कहा।

बता दें कि पंजशीर में तालिबान और प्रतिरोध बलों के बीच तीखी जंग देखने को मिल रही है। पंजशीर प्रांत में युद्ध के मैदान पर जीत का जश्न मनाने के दौरान कम से कम 17 लोग मारे गए और 41 घायल हो गए। ये इलाका अभी भी तालिबान विरोधी लड़ाकों के नियंत्रण में है।

संयुक्त राष्ट्र को लिखे एक पत्र में, सालेह ने कहा: “काबुल और अन्य बड़े शहरों में तालिबान के कब्जे के बाद पंजशीर पहुंचे स्थानीय महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और 10,000 आईडीपी सहित लगभग 2,50,000 लोग इन घाटियों के अंदर फंस गए हैं और तालिबान से पीड़ित हैं। यदि इस स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया, तो पूरी तरह मानवीय तबाही, जिसमें भुखमरी, सामूहिक हत्या और नरसंहार देखने को मिलेगा।”

उन्होंने कहा– तालिबानियों ने पंजशीर तक मानवीय पहुंच को रोक दिया है. यात्रियों से उसका नस्ल पूछते हैं। पंजशीर के सैन्य उम्र के पुरुषों को खदान में काम करवाया जाता है। उसके फोन, बिजली बंद कर देते हैं और दवा की भी अनुमति नहीं देते हैं। लोग कम मात्रा में ही नकदी ले जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले 23 वर्षों में आपातकालीन अस्पताल की शुरुआत के बाद से हमने कभी भी तालिबान को आने से नहीं रोका। तालिबानी अब युद्ध अपराध कर रहे हैं और IHL के लिए उनका कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा हम संयुक्त राष्ट्र और विश्व के नेताओं से तालिबानों के इस स्पष्ट आपराधिक और आतंकवादी व्यवहार पर ध्यान देने का आह्वान करते हैं।

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