समग्र समाचार सेवा
रायपुर, 7सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर आज राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के मुख्य आतिथ्य में राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने की। समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव श्री द्वारिकाधीश यादव उपस्थित थे।
राज्यपाल ने पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन किया और कहा कि शिक्षक दीपक की तरह होते हैं, जो अज्ञान के अंधकार में ज्ञान का प्रकाश लाते हैं। उनका देश और प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान रहता है। शिक्षक द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थी उच्च अधिकारी बनते हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में सफलताएं अर्जित कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक जो मार्गदर्शन देते हैं उसे सकारात्मक रूप से ग्रहण करने पर अवश्य सफलता मिलती है। 
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति का एक सूत्र वाक्य है ’असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योर्तिगमय, मृत्योर्मामृतं गमय’, जिसका अभिप्राय है ’हे ईश्वर हमें असत्य से सत्य की ओर, अंधेरे से उजाले और मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो।’ असत्य से सत्य की ओर तथा अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने की प्रक्रिया में गुरूजनों की भूमिका अहम होती है। ’आचार्यः देवो भव’ और ‘गुरू गोविंद दोऊ खड़े’ जैसे दोहे हमारी समृद्ध परम्पराओं में शिक्षक की महत्ता को दर्शाते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, उनकी मौलिकता, कल्पनाशीलता, देश के लिए अनमोल संपदा है और उनके जीवन को गढ़ने का महत्वपूर्ण दायित्व शिक्षकों पर है। शिक्षकों को विद्यार्थियों से मित्र एवं मार्गदर्शक की तरह व्यवहार करना चाहिए। स्वामी विवेकानंद ने कहा कि ‘हमें ऐसी शिक्षा चाहिए, जिससे चरित्र का निर्माण हो, मन की शांति बढ़े, बुद्धि का विकास हो और मनुष्य, अपने पैरों पर खड़ा हो सके।’
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने संबोधित करते हुए शिक्षा विभाग की प्रगति एवं अन्य जानकारी दी।
कार्यक्रम में वर्ष 2020 में चयनित 58 शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिसमें 54 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान और 04 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर स्मृति पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर वर्ष 2021 के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की गई। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव श्री अमृत कुमार खलखो, विधि सलाहकार श्री आर.के. अग्रवाल, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. कमलप्रीत सिंह उपस्थित थे। समारोह में जे.आर. दानी स्कूल की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और राज्य गीत की प्रस्तुति दी।