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मुंबई: सीआरपीसी की धारा 144 लागू, गणपति जुलूस की भी इजाजत नहीं

In the midst of the ongoing Corona crisis in the country, many festivals including Ganesh Utsav are about to come. The government's concern

समग्र समाचार सेवा
मुंबई , 9 सितम्बर। देश में जारी कोरोना संकट के बीच गणेश उत्सव समेत कई त्योहार आने वाले हैं. त्योहारों की वजह से सरकार की चिंता बढ़ गई है. केरल में ओणम के बाद संक्रमितों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला. इसलिए गणेश उत्सव (Ganeshotsav) को लेकर महाराष्ट्र सरकार तमाम तरह के ऐहतियात बरत रही हैं. मुंबई में गणेश उत्सव (Ganesh Chaturthi 2021) को देखते हुए 10 से 19 सितंबर तक धारा 144 लगा दी गई है. मुंबई पुलिस ने गुरुवार को वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 10-19 सितंबर तक मुंबई में सीआरपीसी की धारा 144 लागू करने का फैसला किया.

न्यूज एजेंसी ANI ने बताया कि मुंबई पुलिस कमिश्नरेट के अधिकार क्षेत्र के तहत लागू आदेश के मुताबिक, शहर में किसी भी गणपति जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी. वहीं, एक जगह पर 5 से ज्यादा लोगों को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं है. भक्त भगवान गणेश के ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे. इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार ने गणेश चतुर्थी पर जनता को गणेश मंडलों में जाने पर रोक लगा दी थी. सरकार ने मंडल आयोजकों को दर्शन ऑनलाइन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था.

उघर, बीएमसी ने शुक्रवार यानी 10 सितंबर से शुरू होने वाले गणपति उत्सव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे. BMC की तरफ से जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक सार्वजनिक पंडालों में मूर्ति लाने और विसर्जन के लिए ले जाते समय 10 से अधिक लोग मौजूद नहीं होंगे. घर में मूर्ति लाने और विसर्जन के लिए ले जाते समय अधिकतम पांच लोग ही मौजूद रहेंगे. नये दिशा-निर्देशों के मुताबिक सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से मास्क पहनना होगा और शारीरिक दूरी का पालन करना होगा.

इसके अलावा उत्सव के दौरान जुलूस में भाग लेने वालों को अनिवार्य रूप से कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक लेनी होगी और दूसरी खुराक लिए हुए 15 दिन से अधिक समय होना चाहिए. कोरोना संक्रमण के नये मामलों में वृद्धि और महामारी की तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर, बीएमसी ने सार्वजनिक गणपति पंडालों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है और नागरिकों से त्योहार सादगी से मनाने की अपील भी की है.

बीएमसी ने कहा, ‘कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के संभावित खतरे को देखते हुए, श्रद्धालुओं को सार्वजनिक पंडालों में दर्शन करने से मना किया गया है. यह निर्णय लिया गया है कि गणेशोत्सव मंडल श्रद्धालुओं को केबल नेटवर्क, वेबसाइट, फेसबुक या (अन्य) सोशल मीडिया के माध्यम से दर्शन की सुविधा प्रदान करें.’ कोविड-19 कन्टेन्मेंट जोन में आने वाले मंडलों को पंडाल परिसर में ही भगवान गणपति की प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था करनी होगी या इसे स्थगित करना होगा. इसी तरह सीलबंद भवनों में श्रद्धालुओं को प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था घर में ही करनी होगी. BMC ने घर में स्थापित किए जाने वाले गणपति की मूर्तियों की ऊंचाई दो फुट, जबकि सार्वजनिक मंडलों के लिए चार फुट तक सीमित कर दी है.

BMC के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, महामारी रोग अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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