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तालिबान के नक्शे कदम पर चला पाकिस्तान, देश में पहनावे को लेकर किए यह बदलाव

समग्र समाचार सेवा
इस्लामाबाद, 9 सितम्बर। अपनी विवादित बयानों और खराब कुटनीति के कारण हमेशा चर्चा में रहने वाला पाकिस्तान अब तालिबान के नक्शे कदम पर चलने लगा है। अभी तक तो वह बस तालिबान का खुलेआम समर्थन कर अन्य देशों को डराने का नाकामयाब प्रयास कर रहा था लेकिन अब अपने ही देश में तालिबान जैसे नियमों को अपनाकर उसे बढावा दे रहा है।

जी हां……….पाकिस्तान के संघीय शिक्षा निदेशालय (FDE) ने एक अधिसूचना जारी कर महिला शिक्षकों के जींस और तंग कपड़े पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा पुरुष शिक्षकों को जींस और टी-शर्ट पहनने से रोकने के लिए भी अधिसूचना जारी की गई है।

डॉन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक शिक्षा निदेशक ने सोमवार को स्कूल-कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र भेजा है. पत्र में प्रधानाध्यापकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि प्रत्येक स्टाफ सदस्य ठीक से कपड़े पहने ताकि समाज में एक अच्छा संदेश जा सके। पत्र में नियमित बाल कटवाने, दाढ़ी ट्रिमिंग, नाखून काटने, शॉवर और इत्र के उपयोग जैसे अच्छे उपायों के बारे में भी कहा गया है।

पाकिस्तान के शिक्षा विभाग ने कहा कि शोध के दौरान हमने पाया कि लोगों की सोच पर पहनावे का असर जितना समझा जाता है, उससे कहीं ज्यादा होता है. इसका सबसे पहला प्रभाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व पर पड़ता है। हमने तय किया है कि अब से महिला शिक्षकों को जींस या टाइट्स पहनने की इजाजत नहीं होगी. पुरुष शिक्षकों पर भी तत्काल प्रभाव से जींस और टी-शर्ट पहनने पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। उन्हें क्लास रूम और लैब में टीचिंग गाउन या कोट पहनना होगा।

पाकिस्तान के न्यूज चैनलों पर शिक्षा विभाग के इस आदेश का विरोध पहले से ही शुरू हो गया है। कुछ लोग कह रहे हैं कि जिस देश में प्रधानमंत्री महिलाओं के कपड़ों पर यौन शोषण का आरोप लगाते हैं, वहां इस तरह के आदेश जारी होना तय था. लेकिन, उन्हें यह बताना चाहिए कि तीन साल की बच्चियों के बलात्कार और हत्या पर कौन से नियम लागू होते हैं.

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