Site icon Samagra Bharat News website

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी एटीएस के संयुक्त ऑपरेशन में 4 आतंकी गिरफ्तार, आगामी त्योहारों पर ब्लास्ट करने की कर रहे थे तैय़ारी

The Special Cell of Delhi Police and the team of UP ATS together have saved the country from a major threat. Yes, 4 terrorists arrested

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 15 सितंबर। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी एटीएस के टीम ने मिलकर देश से एक बड़े खतरे होने से बचा लिया है। जी हां इनके संयुक्त ऑपरेशन में 4 आतंकी गिरफ्तार किए गए है जिनके निशाने पर यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र जैससे 6 राज्यों के कुल 15 शहर थे। इन शहरों की आतंकियों द्वारा रेकी गई थी। इन शहरों में बडे़ पैमानें पर आतंकी सीरियल ब्लास्ट करने की तैयारी में थे। बता दें कि जानकारी के मुताबिक पकड़े गए संदिग्धों व उनके नेटवर्क के लोगों को अलग-अलग काम दिया गया था. इस बात का खुलासा एक जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने किया है।

गिरफ्तार किए लोगों में ओसामा की बात करें तो वह 22 अप्रैल के दिन सलाम एयर की विमान से लखनऊ से मस्कट और फिर ओमान के लिए रवाना हुआ। यहां उसकी मुलाकात इलाहाबाद के निवासी जीशान से हुई। ये लोग पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेने के लिए भारत से पहुंचा था। वहीं जीशान के साथ 15-16 बांग्ला भाषी लोग भी ट्रेनिंग में शामिल हुए थे। बता दें कि यहां इन लोगों को कई समूहों में बांटा गया। हालांकि जीशान और ओसामा एक ही ग्रुप में थे।

इनकी मानें तो तीन पाकिस्तान नागरिक इनके साथ फार्म हाउस में थे। इनमें से 2 जब्बारंद हमजा ने उन्हें ट्रेनिंग दी. ये दोनों पाकिस्तानी सेना के सिए काम करते थे और सेना की वर्दी भी उन्होंने पहनी हुई थी। साथ ही रोजमर्रा की वस्तुओं से बम बनाने और आईईडी बनाने में मदद करने को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। कुछ दिन चले ट्रेनिंग के बाद इन्हें वापस मस्कट ले जाया गया और यहां से ये भारत लौटे और गुप्त तरीके से शहरों की रेकी करना शुरू की और काम करना शुरू कर दिया।

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इनमें से दो आतंकी पाकिस्तान से प्रशिक्षित हैं और इन्हें वहीं से यहाँ भेजा गया है. इन्हें पूरी योजना के साथ भारत भेजा गया था. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के अधिकारी नीरज ठाकुर ने कहा कि कई बांग्ला बोलने वाले ग्रुप से भी इनका सम्बन्ध था. ऐसा लगता है कि ये लोग सीमा पार से निर्देशित किये जा रहे थे. दिल्ली पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने दो टीमें बनाई हुई थीं. ये दाऊद इब्राहीम के भाई अनीस इब्राहीम के संपर्क में भी थे. इसके द्वारा ही इन्हें हथियार उपलब्ध कराए जाने की जिम्मेदारी थी. वहीं दूसरी टीम हवाला के जरिये इनकी फंडिग कर रही थी।

Exit mobile version