Site icon Samagra Bharat News website

*हिन्दी दिवस का सार (दोहावली) **

Sukhwinder Singh ManseeratIn the name of Hindi Diwas, no work in Hindi.English is at work, Hindi is at rest.Hindi mother tongue say,

सुखविंद्र सिंह मनसीरत
हिन्दी दिवस के नाम पर,न हो हिन्दी में काम।
अंग्रेजी है काम पर, हिन्दी को है विश्राम।।

हिन्दी मातृ भाषा कहे , कैसा मेरा दाम।
अंग्रेजी मे काम हो, हिन्दी का मात्र नाम।।

पिता जी डैड को कहें ,माता जी हैं मोम।
वाइफ अब पत्नी हुई, बिगड़ी हिंदी कौम।।

हिन्दी रहीम – कबीर की , सूरदास-रसखान।
छायावादी कवि चार हैं,हिन्दी मान-अभिमान।।

हिन्दी भाषा महान है , दिल का है मनभाव।
जन-जन की आवाज है,जन-जन का स्वभाव।

रस- अलंकार-छंद हैं ,अनुभूति की है खान।
पद्य – गद्य दो रूप हैं, व्याकरण बहुत महान।।

हिन्दी भाषा उठाव पर,करो मंथन विचार।
मनसीरत मन से कहे ,हिन्दी दिवस का सार।।
*****
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)

Exit mobile version