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तालिबान से आरएसएस की तुलना करना जावेद अख्तर को पड़ा भारी, वकील ने भेजा लीगल नोटिस

Lyricist Javed Akhtar's troubles are increasing for comparing Rashtriya Swayamsevak Sangh to Taliban. A lawyer has sent a legal notice

समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 22 सितंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना तालिबान से करने को लेकर गीतकार जावेद अख्तर की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। आरएसएस के खिलाफ टिप्पणी को लेकर जावेद अख्तर को एक वकील ने लीगल नोटिस भेजा है और उन्हें माफी मांगने को कहा गया है। मुंबई के एक वकील ने बुधवार को गीतकार जावेद अख्तर को एक समाचार चैनल को दिए एक साक्षात्कार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ कथित रूप से ‘झूठी और मानहानिकारक’ टिप्पणी करने के लिए कानूनी नोटिस भेजा और इस पर उनसे माफी मांगने को कहा।

वकील संतोष दुबे ने यह भी कहा कि अगर जावेद अख्तर ‘बिना शर्त लिखित माफी’ देने और नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर अपने सभी बयान वापस लेने में विफल रहते हैं तो वह अख्तर से 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए एक आपराधिक मामला दर्ज करेंगे। बता दें कि बीते दिनों जावेद अख्तर ने आरएसएस और वीएचपी की तुलना तालिबान से की थी। जिसके बाद भाजपा और शिवसेना ने भी हमला बोला था।

वकील के नोटिस में दावा किया गया है कि इस तरह के बयान देकर जावेद अख्तर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि की सजा) के तहत अपराध किया है।

एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने कहा था, ‘जैसे तालिबान इस्लामिक स्टेट बनाना चाहता है। वैसे ही यहां भी कुछ लोग हैं, जो हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं। इन लोगों की मानसिकता एक ही है। भले ये हिंदू, मुस्लिम, ईसाई या यहूदी हों। तालिबान जो कर रहा है, वह बर्बर है, लेकिन आरएसएस, वीएचपी और बजरंग दल का समर्थन करने वाले लोग भी वैसे ही हैं।’

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