समग्र समाचार सेवा
कोलकाता, 28 सितंबर। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के भवानीपुर उप-चुनाव 30 सितंबर को ही निर्धारित समय के अनुसार होने की मंगलवार को अनुमति दी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यहां से टीएमसी उम्मीदवार हैं।
याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में कहा कि चुनाव आयोग ने प्रेस नोट में कहा था कि भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के लिए उपचुनाव कराने का निर्णय “पश्चिम बंगाल राज्य के विशेष अनुरोध और संवैधानिक आवश्यकता को देखते हुए” लिया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि आयोग को ऐसा नहीं करना चाहिए था और इसलिए अदालत को मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
चुनाव आयोग ने अपनी याचिका में कहा कि याचिकाकर्ता संवैधानिक आवश्यकता शब्द के अर्थ की गलत व्याख्या करने की कोशिश कर रहा है और कहा कि इसे मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयास के रूप में नहीं देखा जा सकता है।
पिछले हफ्ते अदालत ने चुनाव आयोग द्वारा दायर हलफनामे को खारिज कर दिया था। अदालत ने चुनाव आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया क्योंकि यह स्पष्ट रूप से सही प्रारूप में प्रस्तुत नहीं किया गया था कि अगर उपचुनाव नहीं हुए तो ‘संवैधानिक संकट’ क्यों होगा।
बता दें कि उपचुनाव से पहले हुई हिंसा के मद्देनजर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को कोलकाता में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की और 30 सितंबर को उपचुनाव के दिन भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में धारा 144 लागू करने की अपील की। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल के नेताओं ने केंद्रीय बलों की उपस्थिति में चुनाव करवाने की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्वप्न दासगुप्ता ने किया और इसमें शिशिर बाजोरिया और प्रताप बनर्जी भी शामिल थे।

