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दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा 596 करोड़ का अतिरिक्त बोझ, 1 अक्टूबर से बिजली के नये टैरिफ नियम लागू

Former Energy Minister of Delhi Government, Shri Harun Yousuf, while addressing a press conference at State Congress Office, Rajiv Bhawan,

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर।  दिल्ली सरकार के पूर्व उर्जा मंत्री श्री हारुन यूसूफ ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के इशारे पर डी.ई.आर.सी. दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली बिलों पर फिक्स चार्ज, बिजली टैक्स, पेन्शन सरचार्ज के अलावा कई अन्य विभिन्न टैक्सों के जरिए 2015 से अब तक पिछले 6 वर्षों में 32,227 करोड़ वसूल चुकी है और वही इन्ही 6 सालों में दिल्ली सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को केवल 11,743 करोड़ रुपये ही सब्सिडी के रुप में दिए है। उन्होंने कहा कि दिल्लीवालों को मुफ्त बिजली देने का ढ़िढोरा पीटने वाले मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल वास्तविक रुप में उपभोक्ताओं सरचार्ज वसूलकर लूट रही है। श्री हारुन यूसूफ ने बिजली कम्पनियों के खातों की केग द्वारा फारेंसिक ऑडिट कराने की मांग की, जिसकी मांग मुख्यमत्री बनने से पूर्व अरविन्द केजरीवाल भी करते थे।

संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल दिल्लीवालों को बिजली बिल नही बढ़ने का वायदा करने के बावजूद 1 अक्टूबर से नये टैरिफ के अनुसार डीईआरसी पेन्शन ट्रस्ट जार्च को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया जिससे दिल्ली के उपभोक्तओं पर 596 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी डीईआरसी ने पेन्शन सरचार्ज को 3.8 प्रतिशत का बढ़ाकर 5 प्रतिश किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की शीला सरकार के दौरान पेन्शन के लिए पैसा डिस्कॉम और दिल्ली सरकार देती थी जबकि अरविन्द सरकार लोगों से वसूल रही है। श्री हारुन यूसूफ ने केजरीवाल का वक्तव्य कि बीते 7 वर्षों में बिजली के दाम नही बढ़ने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बिना बढ़ोत्तरी कैसे दिल्ली में बिजली के दाम आसमान छू रहे है। केजरीवाल आंकड़ों की जादूगरी करके फिक्स चार्ज, पीपीएसी,आर.ए. बिजली टैक्स और पेन्शन ट्रस्ट सरचार्ज वास्तविक बिजली बिलों पर लगाकर बिजली उपभोक्ताओं से वसूल कर मुफ्त बिजली देने की बात कहकर गुमराह कर रहे है।

श्री हारुन यूसूफ ने कहा कि यदि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल अपने वायदे के पक्के है तो दिल्लीवालां को 200 यूनिट की जगह 300 यूनिट फ्री देने की घोषणा करें क्योंकि वह उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुजरात और गोवा में 300 यूनिट फ्री देने का वायदा कर रहे है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार दिल्ली के उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली और सब्सिड़ी के नाम पर गुमराह करके हजारों करोड़ रुपये सरचार्ज के रुप में वसूल कर खुले आम अनैतिक रुप से लूट रही है। उन्हांने कहा कि दिल्ली में सस्ती बिजली देने का ढ़ोल पीटने वाले केजरीवाल वास्तविकता को समझना नही चाहते जबकि सच्चाई यह है कि दिल्ली में प्रति यूनिट पर सरचार्ज व अन्य चार्ज वसूलने के बाद सबसे मंहगी बिजली दिल्ली के उपभोक्ताओं को मिल रही है।

श्री हारुन यूसूफ ने कहा कि 2018 में डी.ई.आर.सी. ने 2 किलोवाट तक 125 रुपये, 5किलोवाट तक 140, 15 किलोवाट तक 175 रुपये और 25 किलोवाट तक 200 रुपये के फिक्सजार्च की बढ़ोत्तरी पर कांग्रेस द्वारा विरोध जताने के लिए केजरीवाल से मिलकर अनुरोध किया जिसपर उन्होंने सहमति जताते हुए 2 किलोवाट तक 20 रुपये, 5किलोवाट तक 50, 15 किलोवाट तक 100 रुपये और 25 किलोवाट तक 200 रुपये के फिक्सजार्च तक तय किया गया। जबकि कांग्रेस कार्यकाल में 2 किलोवाट तक 20 रुपये ही फिक्स चार्ज के रुप में वसूले जाते थे। श्री यूसूफ ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली में मुफ्त बिजली देने के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे है जबकि पंजाब में जाकर किसानों के हित की बात करने वाले मुख्यमंत्री दिल्ली के किसानों को ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन फ्री में दे।

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