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शारदीय नवरात्रि: नवरात्रि के 9 दिन, मां दूर्गा को चढ़ाए ये नौ फूल, घर पर बरसेगी कृपा

Sharadiya Navratri is starting from 7th October. During Navratri, devotees worship 9 different forms of Goddess for 9 days.

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर। शारदीय नवरात्रि 7 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं। नवरा​त्रि में भक्तजन 9 दिनों तक देवी के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है विधि-विधान से पूजन करने पर देवी मां प्रसन्न होकर भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती है। नवरात्रि की पूजन विधि में जितना महत्व कलश स्थापना का होता है उतना ही पूजा सामग्री में फूलों का भी होता है। कहा जाता है कि नवरात्रि में देवी को फूल अर्पित कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है। आज हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि में किस दिन कौन से फूल अर्पित करने चाहिए।

नवरात्रि में देवी मां को ये फूल करें अर्पित

पहले दिन
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है और कहा जाता है कि मां शैलपुत्री को गुड़हल का लाल फूल और सफेद कनेर का फूल बहुत पसंद है. इसलिए पहले दिन मां को गुड़हल या कनेर का फूल अर्पित करना चाहिए।

दूसरे दिन
नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की अराधना की जाती है. मां ब्रह्मचारिणी को गुलदाउदी का फूल काफी पसंद हैं. इस दिन मां के चरणों में गुलदाउदी का फूल अर्पित कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है.

तीसरे दिन
नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप को पूजा जाता है और मां चंद्रघंटा को कमल का फूल व शंखपुष्पी का फूल बेहद पसंद हैं. कहा जाता है कि तीसरे दिन मां को ये फूल अर्पित करने से जीवन में जल्दी सफलता मिलती है.

चौथे दिन
नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के कुष्मांडा स्वरूप की पूजा की जाती है. इस दिन मां कुष्मांडा को उनका पसंदीदा चमेली का फूल या पीले रंग का कोई भी फूल पूजा में चढ़ाना चाहिए. इससे मां प्रसन्न होकर अपने भक्तों को अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद देती हैं.

पांचवें दिन
नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की अराधना होती है. मां को पीले रंग के फूल बहुत पसंद हैं इसलिए इस दिन पूजा में पीले रंग के किसी भी फूल को शामिल कर सकते हैं. मां खुश होकर सुख-सम्पन्नता का आशीर्वाद देती हैं.

छठे दिन
नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा—अर्चना होती है. कहा जाता है कि मां कात्यायनी को गेंदे का फूल और बेर के पेड़ का फूल काफी पसंद है. पूजा सामग्री में इन फूलों को शामिल कर उनके चरणों में अर्पित करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

सातवें दिन
नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की अराधना की जाती है. मां कालरात्रि को नीले रंग का कृष्ण कमल का फूल बहुत अधिक प्रिय है. यदि संभव हो तो सातवें दिन पूजा में इस फूल को शामिल करें यदि ये फूल न मिले तो ​कोई भी नीले रंग का फूल भी चढ़ाया जा सकता है.

आठवें दिन
नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप को पूजा जाता है. महागौरी को मोगरे का फूल काफी पसंद है. इस दिन पूजा के दौरान यदि आप मां के चरणों में मोगरे का फूल अर्पित करते हैं तो मां की कृपा हमेशा आपके घर-परिवार पर बनी रहती है.

नौवें दिन
नवरात्रि के नौवें दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है. मां को चंपा और गुड़हल का फूल बेहद पसंद है. पूजा करते समय मां सिद्धिदात्री के चरणों में इस फूल को चढ़ाने से मां प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं.

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