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कांग्रेस का नया दांव, कांग्रेस शासित राज्य सरकारों ने मृतक किसानों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की सहायता देनें का किया ऐलान

The Lakhimpur Kheri case is now taking a political form in the country. Like every time, this time also in this matter of UP, almost

समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 6अक्टूबर। लखीमपुर खीरी मामला अब देश में राजनीतिक रूप लेंने लगा है। हर बार की तरह इस बार भी यूपी के इस मामलें में लगभग सभी भाजपा विरोधी दलों नें किसानों के प्रति संवेदनाएं तो व्यक्त की ही है साथ ही उन्हें लुभाने का भी प्रयास कर रही है। पंजाब और छत्तीसगढ़ की सरकारों ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में रविवार 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में मारे गए किसानों के परिजन को 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। दोनों राज्य किसानों के परिजनों और मारे गए एक पत्रकार के परिवार को अलग-अलग 50-50 लाख रुपये यानी कुल मिलाकर 1-1 करोड़ रुपये की सहायता राशि देंगे।

रविवार की घटना के बाद से ही लगातार लखीमपुर खीरी में किसान नेताओं और प्रशासन के बीच काफी तनातनी चल रही थी। सोमवार शाम दोनों पक्षों में सहमति बनी और सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 45-45 लाख रुपये और एक व्यक्ति को स्थानीय स्तर पर सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके अलावा घायलों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 10-10 लाख रुपये का मुआवजे की भी घोषणा की हुई है।
पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा, ‘‘जिस तरह जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने गोलियां चलाकर बेकसूर लोगों को मारा था, उसी तरीके से सत्तारूढ़ भाजपा ने लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक उड़ाया है. यह तानाशाही नहीं चलेगी।’’

बघेल ने कहा कि लखीमपुर में जो हृदय विदारक घटना घटी, उससे पूरा देश दहल गया है। सारे किसान आक्रोशित हैं और उन पीड़ित परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है।

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