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महाराष्ट्र में चिंता का विषय बना कोरोना, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से सावधानी बरतने के लिए की अपील

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11अक्टूबर। जहां एक तरफ देश में कोरोना से राहत मिल रही है और कई राज्यों में नगण्य मात्रा में मिलने वालें कोरोना के आकंडों के कारण लोंगों की जिंदगी धीरे- धीरे पटरी पर आने लगी है वहीं महाराष्ट्र और केरल दो ऐसे राज्य है जो अभी भी डेंजर जोन में है चिंता का विषय बने हुए है। महाराष्ट्र में रविवार को कोरोना वायरस से संक्रमित 2,294 नये मरीज मिले हैं और संक्रमण से 28 और मरीजों की मौत हो गई है, हालांकि 1,823 मरीज ठीक भी हुए हैं। लेकिन यह आंकडे देश के बाकी राज्यों की तुलना में ज्यादा है। महाराष्ट्र में कोविड-19 के 2,294 नये मामले सामने आने से राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 65,77,872 हो गई है जबकि मृतकों की संख्या 1,39,542 है और अभी तक ठीक होने वालों मरीजों की संख्या 64,01,287 हो गई है।

रविवार तक की स्थिति के अनुसार महाराष्ट्र में अब 33,449 कोरोना के उपचाराधीन मामले हैं। राज्य में 1,40,847 नयी जांच होने के साथ ही महाराष्ट्र में अब तक की गई जांच की संख्या 6,01,98,174 हो गई है. विभाग ने कहा कि महाराष्ट्र में ठीक होने की दर 97.32 प्रतिशत है और मृत्यु दर 2.12 प्रतिशत है।

वहीं, मुंबई शहर में कोविड-19 के 445 नये मामले सामने आये जबकि छह और मरीजों की मौत हो गई जिससे देश की वित्तीय राजधानी में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 7,48,640 और मृतक संख्या बढ़कर 16,158 हो गई।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को लोगों से अपील की कि कोविड-19 के प्रति लापरवाही नहीं बरतें क्योंकि बीमारी नियंत्रण में भले ही है, लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। मांडविया ने कहा, ‘कोरोना वायरस से लड़ाई आगे भी जारी रहेगी क्योंकि यह अब भी हमारे बीच में है। कोरोना वायरस निश्चित रूप से नियंत्रण में है लेकिन यह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।’

 

 

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