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दिल्ली के सीजीएसटी अधिकारियों ने धोखाधड़ी से 134 करोड़ रुपये के आईटीसी का दावा करने के आरोप में एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार

The officials of the Central Goods and Services Tax (CGST) Commissionerate, Delhi East, after a detailed analysis, unearthed a network

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 13अक्टूबर। केन्‍द्रीय वस्‍तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, दिल्ली पूर्व के अधिकारियों ने विस्तृत विश्लेषण के बाद फर्जी निर्यातकों के एक नेटवर्क का पता लगाया, जो धोखाधड़ी से आईजीएसटी रिफंड का दावा करने के इरादे से, वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत 134 करोड़ रुपये के नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ प्राप्‍त करने के लिए उनका इस्‍तेमाल कर रहे थे।

जोखिम विश्लेषण के आधार पर, एक जोखिमपूर्ण निर्यातक मेसर्स वाइब ट्रेडेक्स की जांच के लिए पहचान की गई थी। मेसर्स वाइब ट्रेडेक्स पान मसाला, चबाने वाले तंबाकू, एफएमसीजी वस्‍तुओं आदि के निर्यात में लगा हुआ है।

फर्जी निर्यातकों का नेटवर्क चिराग गोयल नाम के एक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो ब्रिटेन के सुंदरलैंड विश्वविद्यालय से एमबीए है। उसका सहयोगी, जो फरार है, के स्वामित्व वाली दो आपूर्तिकर्ता फर्मों/कंपनियों द्वारा तैयार किए गए ई-वे बिलों के व्यापक विश्लेषण के बाद, यह पाया गया कि जिन वाहनों के लिए माल की आपूर्ति के लिए ई-वे बिल तैयार किया गया था, उनका उपयोग गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के दूरदराज के शहरों में किया जा रहा था और उक्त अवधि के दौरान कभी भी दिल्ली में प्रवेश नहीं किया था। इस दौरान 134 करोड़ रुपये के नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने और इस्‍तेमाल करने के बारे में पता चला।

चिराग गोयल ने सरकार को धोखा देने के लिए एक गहरी साजिश रची और सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 132(1)(सी) के तहत निर्दिष्ट अपराध किए, जो संज्ञेय और गैर-जमानती हैं। उन्हें मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली द्वारा 26.10.2021 तक 14 दिनों की अवधि के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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