Site icon Samagra Bharat News website

उत्तर प्रदेश में भाजपा ने फेंका अपना नया दांव, चुनावी मैदान में मायावती के खिलाफ बेबी रानी मौर्य को उतारने को तैयार

Bahujan Samaj Party supremo Mayawati has defeated former Uttarakhand governor Baby Rani Maurya in the next year's assembly elections

समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 17अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में भाजपा अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के खिलाफ खड़ा करने के लिए तैयार है।
पार्टी सूत्रों ने पुष्टि की कि बेबी रानी मौर्य बसपा के जाटव वोट आधार में सेंध लगाने की दिशा में काम करेंगी। अब तक, जाटव मायावती के पीछे मजबूती से रहे हैं और बेबी रानी मौर्य भी जाटव होने का दावा करती हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत में जब पूर्व राज्यपाल लखनऊ पहुंचीं, तो उनका स्वागत पोस्टरों और होडिर्ंग्स से किया गया, जिसमें उनकी दलित उपजाति को प्रमुखता से दिखाया गया था। लखनऊ विश्वविद्यालय में जाटव छात्र राकेश गौतम ने कहा, आखिरकार हमारे पास एक विकल्प है। अब तक मायावती के अलावा कोई जाटव नेतृत्व नहीं था।

पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि बेबी रानी मौर्य दलितों की बड़ी आबादी वाले जिलों में रैलियों को संबोधित करेंगी। अधिकारी ने कहा, अब तक हमने गैर-जाटव दलितों पर ध्यान केंद्रित किया था, लेकिन अब हम जाटवों पर भी ध्यान देंगे, क्योंकि हमारे पास जाटव नेता हैं। उत्तर प्रदेश के 21 फीसदी दलित वोट बैंक में जाटवों का एक बड़ा हिस्सा है। लगभग 11 फीसदी और यह समुदाय मायावती की राजनीतिक यात्रा का मुख्य आधार रहा है।

बेबी रानी मौर्य ने कहा, मैं इस जाति में पैदा हुई थी। मेरा परिवार चमड़े और जूते का काम करता था और अब भी करता है। लगभग तीन दशकों से, मैं जाटव के रूप में भाजपा के साथ हूं।

Exit mobile version