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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति का किया हवाई सर्वेक्षण

The Union Home and Cooperation Minister, Shri Amit Shah today met the Governor of Uttarakhand, Lieutenant General Gurmeet Singh,

समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 21 अक्टूबर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मंत्री श्री डीएस रावत और सांसद श्री अनिल बलूनी के साथ देवप्रयाग, रामनगर, रामगढ़, गौलापरंद और रुद्रपुर के बारिश, बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुक़सान का जायज़ा लिया। हवाई सर्वेक्षण के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री ने केन्द्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक कर ताज़ा स्थिति की समीक्षा की।

श्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा समय पर मिली चेतावनी के कारण जानहानि को कम करने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा 24 घंटे पूर्व 16 अक्तूबर को ही चेतावनी मिल जाने के बाद उत्तराखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा एसडीआरएफ़, एनडीआरएफ़, आईटीबीपी, सेना, वायु सेना आदि सभी को अलर्ट भेजने के कारण काफ़ी नुक़सान को रोका जा सका है। सभी मोबाइल उपभोक्ताओं को मोबाइल पर ही समयपूर्व अलर्ट भेज दिया गया ताकि अकारण आवाजाही को रोका जा सके। चार धाम के यात्रियों को भी बारिश शुरू होने से पहले ही वे जहां थे, वहीं रोक दिया गया और इसके कारण ही चार धाम के यात्रियों में से किसी के हताहत होने का कोई समाचार नहीं है और यात्रा शुरू भी कर दी गई है। एनडीआरएफ़, सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ़, स्टेट रिस्पॉंस टीमें, फ़ायर ब्रिगेड बारिश आने से पहले ही अलर्ट होने के कारण मौक़े पर थे। हेलीकॉप्टर भी यहां उपलब्ध थे और उन्हें भी बारिश आने से पहले ही अलर्ट कर दिया गया था।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बचाव अभियान बहुत अच्छे और सफल तरीक़े से चलाया। लगभग 80 प्रतिशत टेलीफ़ोन नेटवर्क को बहाल कर दिया गया है। 3500 से अधिक लोगों को बचाया गया और 16 हज़ार से ज़्यादा लोगों को सावधानी के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और अब तक किसी भी पर्यटक की जान जाने की ख़बर नहीं है। एनडीआरएफ़ की 17 टीमें, एसडीआरएफ़ की 60 टीमें, पीएसी की 15 कंपनियां, फ़ायर ब्रिगेड और पुलिस के पांच हज़ार से ज़्यादा जवान पूरी मुहिम में अब भी जुटे हैं और लोगों की मदद कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा राहत शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाएं और खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था की गई है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। श्री शाह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पहले दिन से ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने राज्य के मुख्यमंत्री से कई बार बात की है और भारत सरकार ने अपनी पूरी ताक़त इस देवभूमि की मदद में लगाई है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होते ही गृह मंत्रालय की सर्वेक्षण टीमें यहां हुए नुक़सान का जायज़ा लेने आएंगी और उसके अनुसार मदद भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य आपदा मोचन कोष (एसडीआरएफ) के तहत केंद्रीय हिस्से के रूप में 749.60 करोड़ रूपये की सहायता पहले ही जारी कर दिए हैं।

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