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अहोई अष्टमी व्रत 2021: अहोई अष्टमी व्रत पर करने से पहले जान लें ये जरूरी नियम

According to the Hindu calendar, Ahoi Ashtami fast is observed on the Ashtami date of Krishna Paksha in the month of Kartik. This year

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25अक्टूबर। हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस साल अहोई अष्टमी का व्रत 28 अक्टूबर गुरुवार के दिन रखा जाएगा। ये व्रत संतान की लंबी आयु और संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है। अहोई अष्टमी का व्रत करवा चौथ के ​तीन दिन बाद पड़ता है और इस दिन अहोई माता की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से अहोई माता प्रसन्न होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं. लेकिन इस व्रत को करते समय कुछ बातों को खास ध्यान रखना बेहद ही आवश्यक हैं।

अ​होई अष्टमी का व्रत संतान की लंबी आयु और संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं और अहोई माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं. कहा जाता है कि अहोई माता की पूजा करने से मां पार्वती अपने पुत्रों की तरह की आपके बच्चों की भी रक्षा करती हैं. इस व्रत में शाम को तारों अर्घ्य दिया जाता है और इसके बाद ही व्रत पूरा होता है।

अहाई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा की जाती है लेकिन कहा जाता है कि इससे पहले भगवान गणेश की पूजा जरूर करनी चाहिए।
आमतौर पर कोई भी व्रत चंद्रमा को देखकर खोला जाता है, लेकिन ध्यान रखें कि अहोई अष्टमी का व्रत तारों को देखकर खोला जाता है। तारें निकलने के बाद अहोई माता की पूजा की जाती है।
इस व्रत में कथा सुनते समय हाथों में 7 प्रकार के अनाज होने चाहिए और पूजा के बाद यह अनाज गाय खिला दें।
अहोई अष्टमी का व्रत बच्चों के लिए किया जाता है और मान्यता है कि पूजा के समय बच्चों का साथ जरूर बिठाना चाहिए।

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