समग्र समाचार सेवा
रायपुर, 27अक्टूबर। मुझे छत्तीसगढ़ की बेटियों की उपलब्धियों पर गर्व है। यहां की बेटियों ने कला, साहित्य, विज्ञान, खेलकूद, पत्रकारिता, प्रशासन हर क्षेत्र में परचम लहराया है और अपने परिवार सहित प्रदेश का नाम रोशन किया है। वे कभी भी किसी चुनौतियों से न घबराएं और निरंतर आगे बढ़ते रहें। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कही। वे कर्मयोगिनी सम्मान कार्यक्रम में अपना उद्बोधन दे रही थीं। उन्होंने सम्मानित सभी बेटियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एवं यहां की समस्त महिला शक्ति के लिए भी गर्व की बात है कि यहां पर एक महिला को राज्यपाल का दायित्व सौंपा गया।

उन्होंने कहा कि यहां तक पहुंचने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, परन्तु उनकेीसंघर्ष यात्रा में अच्छे लोग भी मिले, जिनसे अपनी तकलीफ साझा करती थी तो वे उनका उत्साहवर्धन करते थे। मैं महापुरूषों की जीवनी और प्रेरणादायी पुस्तकों का अध्ययन करती थी, जिससे निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली और आज मुझे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद पर कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ।
राज्यपाल ने कहा कि मैंने जब से राज्यपाल पद का दायित्व संभाला मैंने यह प्रयास किया कि हर जरूरतमंद व्यक्तियों की बात सुनूं और समाधान के प्रयास करूं। मैंने राजभवन की लार्ड गवर्नर की अवधारणा को समाप्त किया और राजभवन को सभी के लिए खोलकर राजभवन को ‘जनभवन’ बना दिया।
कार्यक्रम को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं डॉ. राजेन्द्र फड़के ने भी संबोधित किया।