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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कंसल्टेटिव कमिटी की बैठक में की अध्यक्षता

The Union Minister for Home and Cooperation, Shri Amit Shah, chaired the meeting of the Consultative Committee of the Ministry

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29अक्टूबर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 28 अक्टूबर को नई दिल्ली में गृह मंत्रालय की कंसल्टेटिव कमिटी की बैठक की अध्यक्षता की जिसमें तटीय सुरक्षा विषय पर चर्चा की गई। बैठक में गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय और श्री अजय मिश्रा, केन्द्रीय गृह सचिव, मत्स्यपालन सचिव, भारतीय तटरक्षक एवं गृह मंत्रालय के पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिशा निर्देशों के अनुसार सीमा प्रबंधन विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा तटीय सुरक्षा को और सुदृढ़ करने की दिशा में पिछले कुछ वर्षों में कई कार्य किए गए हैं और सबके सुझावों से इन्हें और बेहतर किया जा सकता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय तटीय सुरक्षा में आने वाली चुनौतियों का गंभीरता से आंकलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में दिए गए सुझावों के मद्देनजर सभी राज्यों के साथ मिलकर तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए उचित तथा पर्याप्त क़दम उठाए जाएंगे। श्री शाह ने कहा कि पहली बार भारत के सभी द्वीपों का सर्वेक्षण कराया गया है और इस बाबत प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तटीय सुरक्षा में कई मंत्रालयों और ऐजेंसियों की भूमिका है जिनमें परस्पर समन्वय स्थापित कर जल्द ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में सभी हितधारकों की बैठक कर तटीय सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जाएगा।

बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई और तटीय सुरक्षा को लैंड बॉर्डर सुरक्षा के समकक्ष और सुदृढ़ किए जाने का सुझाव भी दिया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सभी राज्यों में अलग तटीय पुलिस कैडर का गठन किए जाने तथा तकनीक की मदद से द्वीपों तथा तटीय क्षेत्रों की निगरानी का सुझाव भी दिया। इसके अलावा तटीय क्षेत्रों के चौमुखी विकास के लिए उचित मात्रा में बजट आवंटन और तटीय पुलिस स्टेशनों के प्रभावी संचालन पर ज़ोर दिया गया। इसके लिए पुलिसकर्मियों के समुचित प्रशिक्षण की व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से मछुआरों के प्रशिक्षण की ज़रूरत पर भी बल दिया गया। प्रौद्योगिकी का उपयोग समुद्र में जहाज़ों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं के बीच होने वाली टक्करों को रोकने के लिए करने पर भी चर्चा की गई। सदस्यों ने तटीय सुरक्षा के साथ समुद्री व्यापार एवं ब्लू इकोनॉमी को भी बढ़ाने पर भी बल दिया।

बैठक के दौरान तटीय सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए उठाये गए कदमों पर सीमा प्रबंधन विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा विस्तृत प्रस्तुति दी गयी जिसमें तटीय सुरक्षा योजना की चरण-I तथा चरण-II की समाप्ति एवं तीसरा चरण शुरू करने की चर्चा की गयी।

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