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रेलवे के इंजीनियर ने ठेकेदारों से 1 करोड़ 29 लाख रुपए रिश्वत ली

The CBI has registered a case against the Railway Executive Engineer and others in the bribery case and searched their premises.
इंद्र वशिष्ठ
सीबीआई ने घूसखोरी के मामले में रेलवे के कार्यकारी अभियन्ता एवं अन्यों के विरुद्ध मामला दर्ज किया एवं उनके ठिकानों पर तलाशी ली है।
सीबीआई  प्रवक्ता आर सी जोशी ने बताया कि दक्षिण पश्चिम रेलवे, बंगलौर के कार्यकारी अभियन्ता घनश्याम प्रधान एवं रेलवे के ठेकेदारों सहित अन्यों के विरुद्ध मामला दर्ज किया।
आरोप है कि आरोपी कार्यकारी अभियंता ने ठेकेदारों के करवाए गए कार्यो की निगरानी/देखरेख करने के दौरान ठेकेदारों से बैंक खातों के माध्यम से रिश्वत ली।
1 करोड़ 29 लाख रिश्वत-
वर्ष 2011 से वर्ष 2019 के दौरान एक करोड़ उन्तीस लाख रुपए(1,29,00,000/- ) की अवैध रिश्वत कार्यकारी अभियंता ने अपने एवं अपने पारिवारिक सदस्यों के खाते में ठेकेदारों से प्राप्त की।
 सीबीआई ने बंगलौर, हुबली, मैसूर, सांगली, नंदयाल एवं रंगरेड्डी स्थित आरोपियों एवं अन्यों के परिसरों सहित 16 स्थानों पर तलाशी ली।
इस मामले में आगे की जॉच जारी है।
अभियुक्त: घनश्याम प्रधान कार्यकारी अभियंता
दक्षिण पश्चिम रेलवे बेंगलुरु, एम.सूर्यनारायण रेड्डी( पार्टनर, मैसर्स कृषि इंफ्राटेक) और वेंगला सूर्यनारायण के अलावा अज्ञात सरकारी अफसरों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सिपाही भर्ती परीक्षा (व्यापम) मामले में 5 को 7 वर्ष की सजा।
विशेष न्यायाधीश, सी बी आई (व्यापम मामलें), भोपाल (मध्य प्रदेश) ने व्यापम द्वारा आयोजित मध्य प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2012 से सम्बन्धित मामलें में तीन उम्मीदवारों, एक परनामधारी एवं एक मध्यस्थ व्यक्ति यथा केदार नाथ त्यागी, धीरज कुमार दुनेरिया, देवेश कुमार त्यागी, चन्द्र भूषण मौर्य एवं सतीश जाटव सहित पॉच आरोपियों को सात वर्ष की कठोर कारावास के साथ प्रत्येक पर 8000 रु. के जुर्माने की सजा सुनाई।
सीबीआई ने समादेश याचिका (सिविल) संख्या-372/2015 एवं 417/2015 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनॉक 09.07.2015 को जारी आदेश के अनुपालन में दिनॉक 05.08.2015 को वर्तमान मामला दर्ज किया और व्यापम, भोपाल द्वारा आयोजित मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2012 में परनामधारण द्वारा धोखाधड़ी के आरोप पर एस टी एफ पुलिस स्टेशन, भोपाल (मध्य प्रदेश) में प्राथमिक सूचना रिपोर्ट संख्या 19/2014 के माध्यम से पूर्व में दर्ज मामले की जॉच को अपने हाथों में लिया। राज्य पुलिस ने पूर्व में दो आरोप पत्र दायर किए थे।
जांंच के पश्चात, सी बी आई ने उम्मीदवारों, मध्यस्थ व्यक्तियों एवं परनामधारियों सहित 11 आरोपियों के विरुद्ध एक पूरक आरोप पत्र दायर किया।
 अदालत ने पाँच आरोपियों को कसूरवार पाया एवं पाँच आरोपियों को बरी किया। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो गई एवं उनके विरुद्ध आरोप हटा लिए गए।
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