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पटाखों को धर्म से जोड़कर ‘प्रदूषण के खिलाफ युद्ध’ को कमजोर करने की कोशिश: गोपाल राय

Delhi Environment Minister Gopal Rai today gave a befitting reply to those opposing the ban imposed on the sale and use of firecrackers

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4 नवंबर। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली में पटाखों की खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर लगाए गए प्रतिबंध का विरोध करने वालों को आज करारा जवाब देते हुए कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए पटाखों को धर्म से जोड़कर ‘प्रदूषण के खिलाफ युद्ध’ को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राय ने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए दिल्ली वालों की जिंदगी से मत खेलिए। राजनीति के लिए बहुत से मुद्दे हैं और दिल्ली वालों ने सबको अवसर दिया है। आप भी काम की राजनीति करिए, लेकिन लोगों को सांस लेने दीजिए।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पूरी दिल्ली ने मिलकर यह लड़ाई लड़ी है और मौसम ने भी साथ दिया है, जिसकी वजह से पिछले कुछ वर्षों में दिवाली से एक दिन पहले दिल्ली का प्रदूषण स्तर सबसे बेहतर रहा है, इसे और बेहतर बनाने में सहयोग करिए। जनता के सहयोग का ही परिणाम रहा है कि दिल्ली को अपने हिस्से का प्रदूषण कम करने में सफलता मिल रही है।

उन्होंने कि गुरूवार को दिल्ली और पूरा देश हर बार की तरह दीपावली पर्व को बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाने जा रहा है। पिछले कई वर्षों से दिवाली के अवसर पर बढ़ते प्रदूषण के कारण हम सभी लोग चिंचित भी रहते हैं। पिछले पांच साल के प्रदूषण के स्तर के आंकड़ों को अगर देखा जाए, तो पहली बार हम पिछले पांच साल के प्रदूषण के स्तर के सबसे बेहतर दिन में बैठे हुए हैं। वायु गुणवत्ता इंडेक्स के मापदंड के अनुसार, 2017 में अक्टूबर के महीने में एक्यूआई का औसत 284 रहा। 2018 में यह 267 रहा, 2019 में 234, 2020 में 265 और पिछले एक महीने के दौरान एक्यूआई का औसत स्तर 173 है।

उन्होंने ने कहा कि दिल्ली के अंदर वाहनों के प्रदूषण को रोकने के लिए हमने ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ अभियान शुरू किया है। विभिन्न चौराहों पर दिल्ली सरकार के मंत्रियों और विधायकों और आरडब्ल्यूए की तरफ से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। हमें इस बात की खुशी है कि जनता की तरफ से भी इस कैंपेन में स्वैच्छिक सहयोग मिल रहा है और लोग सहयोग कर रहे हैं। दिल्ली के अंदर सरकार ने ‘पटाखे नहीं, दीये जलाओं अभियान की शुरूआत की। पहली बार दिल्ली के सभी रजिस्टर्ड आरडब्ल्यूए, के साथ उस एरिया के एसडीएम ने 28 अक्टूबर को बैठक की थी। 29 अक्टूबर को मार्केट एसोसिएशंस के साथ बैठक की और 30 अक्टूबर को इन संगठनों ने अपने स्थानीय सदस्यों के साथ बैठक कर युद्ध, प्रदूषण के विरुद्ध अभियान में सहभागिता के लिए प्रेरित किया और पूरी दिल्ली के अंदर जन भागीदारी को बढ़ाया। साथ ही, इस मुहिम से युवाओं को जोड़ने के लिए हमने ऑनलाइन चैटबॉट लांच किया है, जिसमें आज दिल्ली के हजारों युवा प्रदूषण के खिलाफ मुहिम में लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से दिल्ली के अंदर चलाए गए अलग-अलग अभियान ने भी अपने हिस्से के प्रदूषण को कम करने में सहयोग किया है। आज मैं दिल्ली के लोगों से हाथ जोड़कर विनती करना चाहता हूं कि जिस तरह से आप लोग अभी सहयोग कर रहे हैं, उस सहयोग का ही परिणाम है कि दिल्ली को अपने हिस्से का प्रदूषण कम करने में सफलता मिल रही है। दिवाली खुशियों का त्योहार है। हमें पता चला है कि कई लोग छिप-छिप कर पटाखे जलाने की योजना बना रहे हैं। दिल्ली के सभी थानों में पुलिस की पेट्रोलिंग टीमें बन चुकी हैं, जो काम शुरू कर चुकी है। अब तक 13 हजार किलोग्राम से अधिक अवैध पटाखे बरामद किए जा चुके हैं और 33 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी पुलिस और एसडीएम की टीमों को कल हमने 24 घंटे पेट्रोलिंग और निगरानी के निर्देश दिए थे। वहीं, कुछ लोग पटाखों को धर्म से जोड़कर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए प्रदूषण के खिलाफ इस लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं उन लोगों से भी हाथ जोड़कर अपील करना चाहता हूं कि अपनी राजनीति के लिए दिल्ली वालों के बच्चों, बुजुर्गों की जिंदगी से मत खेलिए। राजनीति के लिए बहुत सारे मुद्दे पड़े हैं और दिल्ली वालों ने सबको काम करने का अवसर दिया है। आप सब भी काम की राजनीति करिए, लेकिन कृपया दिल्ली के लोगों को सांस लेने दीजिए। दिवाली दीये से होती है, पटाखों से नहीं।

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