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अमेरिका और कनाडा से भारत की Covaxin कंपनी ने आपात इस्तेमाल के लिए मांगी मंजूरी

The world finally accepted the iron of India's indigenous vaccine, Covaccine. After getting approval from the World Health Organization,

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 6नवंबर। भारत की देसी वैक्सीन कोवैक्सीन का लोहा आखिरकार दुनिया मान ही गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन से मंजूरी मिलने के बाद अब इसकी स्वीकार्यता पूरी दुनिया में बढ़ गई है। अगर सबकुछ सही रहा तो भारत बायोटेक की कोवैक्सीन दो साल से 18 साल के बच्चों में भी लगाई जा सकती है। कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन के लिए अमेरिका और कनाडा में भारत बायोटेक की सहयोगी कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि उसने बच्चों के लिए टीके के इस्तेमाल को लेकर अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) के पास आवेदन दिया है।

कंपनी ने कहा है कि उसका आवेदन भारत बायोटेक द्वारा दो साल से 18 साल के 526 बच्चों-किशोरों पर भारत में दूसरे-तीसरे चरण के ‘क्लीनिकल ट्रायल’ के नतीजे पर आधारित है। टीके के असर को जानने के लिए भारत में करीब 25,800 वयस्कों पर किए गए तीसरे चरण के नतीजे का भी उल्लेख किया गया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सह-संस्थापक तथा बोर्ड के अध्यक्ष शंकर मुसुनूरी ने कहा कि बाल चिकित्सा उपयोग को लेकर अमेरिका में आपातकालीन उपयोग इस्तेमाल के लिए आवेदन देना टीके को उपलब्ध कराने और कोविड-19 महामारी से निपटने में मदद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’

उन्होंने कहा कि कुछ अध्ययन से यह विचार सामने आया है कि लोग खुद के लिए और खासकर अपने बच्चों के लिए टीका के चयन में और विकल्प चाहते हैं। नये किस्म के टीका के उपलब्ध होने से लोग डॉक्टरों से परामर्श कर अपने बच्चों के लिए बेहतर फैसला कर पाएंगे। हाल में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोवैक्सीन के आपाकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी थी।

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