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भोपाल के कमला नेहरु बाल अस्‍पताल आग से 4 बच्‍चों की मौत, मामले की जांच शुरू

world with their little eyes that the fire in the hospital here took away their life. Now Chief Minister Shivraj Singh Chouhan

समग्र समाचार सेवा
भोपाल, 9नवंबर। अपनी मां के सुरक्षित गर्भ से बाहर निकलने के बाद वे नवजात शिशु अपनी नन्हीं आंखों से दुनिया को देख भी नहीं पाए थे कि यहां अस्पताल में लगी आग ने उनका जीवन छीन लिया. अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ितों के परिवार को चार-चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. वहीं, मंत्री विश्‍वास सारंग ने कहा कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और चार शिशुओं की मौत हो गई. घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं. अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा) मोहम्मद सुलेमान यह जांच करेंगे।

कमला नेहरू अस्पताल में आग लगने से 4 बच्चों की मौत पर मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, इसकी जांच होगी और जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी. परिजनों को बच्चों के वार्ड में ले जाया जा रहा है, चिकित्सक परिजनों को उनकी तबियत के बारे में बता रहे हैं।
भोपाल के सरकारी हमीदिया अस्पताल की विशेष नवजात शिशु इकाई में सोमवार की रात को आग लगने से चार शिशुओं की मौत हो गई. हादसे के वक्त इकाई में 40 नवजात शिशु भर्ती थे. इनमें से बचे 36 शिशुओं का दूसरे अलग-अलग वार्ड में इलाज किया जा रहा है।

भोपाल शहर में गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल के परिसर में स्थित कमला नेहरु बाल चिकित्सालय के एसएनसीयू में सोमवार रात 8 बजकर 35 मिनट पर आग लग गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की खबर फैलते ही अस्पताल में कोहराम मच गया और चिंतित माता-पिता और परिजन अपने बच्चों को लेने और उन्हें बचाने के लिए वार्ड में घुसने की कोशिश करने लगे. सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. आग लगने के बाद धुआं वार्ड और इसके निकासी के रास्तों में भर गया. एक दमकल कर्मी ने बताया कि लोगों की अफरा-तफरी और धुएं के बीच वह किसी तरह घुटने के बल चलकर वार्ड तक पहुंचे.

डॉक्टर और नर्सों ने नवजात बच्चों को दूसरे वार्ड में स्थानांतरित करने का प्रयास किया और वह सभी 40 बच्चों को बाहर निकालने में सफल रहे, लेकिन उनमें से चार शिशु नहीं बच सके जो कि पहले से ही गंभीर स्थिति में थे. बाद में कुछ शिशुओं के माता-पिता ने अपने बच्चों को दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया।

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