Site icon Samagra Bharat News website

ऑटो रिक्शा गिरोह ने महिला प्रेस फोटोग्राफर का 7 लाख का कैमरा उड़ाया

One such gang robbed a woman journalist's camera worth seven lakh rupees. The incident took place on November 8 evening in Shakarpur police
इंद्र वशिष्ठ
सावधान: राजधानी में तिपहिया स्कूटर सवार लुटेरो के गिरोह सक्रिय हैं।
तिपहिया स्कूटर में यात्रा करते समय सावधानी बरतें और चौकन्ने रहे, वरना जान और माल दोनों से हाथ धोना पड़ सकता है। उस तिपहिया स्कूटर में तो बिल्कुल भी न बैठे, जिसमें पहले से ही सवारी बैठी हुई हो और बेशक चालक कम किराए में गतंव्य तक पहुंचाने का लालच क्यों न दे।  तिपहिया स्कूटर का नंबर भी जरूर नोट करें ।
ऐसे ही एक गिरोह ने महिला पत्रकार का सात लाख रुपए का कैमरा लूट लिया। वारदात 8 नवंबर शाम को पूर्वी दिल्ली के शकर पुर थाना इलाके में हुई।
पूर्वी जिला की डीसीपी प्रियंका कश्यप ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
 नोएडा निवासी वरिष्ठ पत्रकार (फोटोग्राफर) शिप्रा दास (65) स्कूल ब्लॉक के सामने मदर डेयरी रोड पर  बस का इंतजार कर रही थी। तभी एक तिपहिया स्कूटर उनके पास आकर रुका। तिपहिया में चालक के साथ एक युवक और पीछे सीट पर भी दो लोग बैठे हुए थे।
तिपहिया चालक ने शिप्रा से पूछा कि कहां जाना है। चालक ने पहले पचास रुपए मांगे, फिर तीस रुपए में नोएडा छोड़ देने को तैयार हो गया।
 शिप्रा स्कूटर में बैठ गई। तिपहिया चालक ने उसे कहा कि अपना बैग पीछे रख दो, ताकि बैठने की जगह बन जाए। शिप्रा ने बैग रखने से मना कर दिया, लेकिन चालक उसे  बैग पीछे रखने के लिए बार-बार कहने लगा, तो उसने बैग पीछे रख दिया। इसी दौरान चालक के साथ बैठा युवक भी पीछे सीट पर बैठे व्यक्ति की गोद में आकर बैठ गया। शिप्रा ने बताया कि कुछ देर बाद ही सुनसान रास्ते से ले जाकर चालक ने मयूर विहार रोड पर एक जगह पर दूसरे  तिपहिया स्कूटर के पास अपना तिपहिया रोक दिया। शिप्रा से कहा कि दूसरा तिपहिया स्कूटर वाला उसे नोएडा छोड़ देगा।
सात लाख का कैमरा-शिप्रा ने घर पहुंच कर अपना बैग खोला तो उसमें कैमरे और लेंस के स्थान पर पत्थर भरे हुए थे।
कैमरा (canon eox 5.0 mark 4), 2 लेंस, फ्लैश आदि की कीमत करीब सात लाख रुपए है। शिप्रा की शिकायत पर शकर पुर थाना पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज किया है।
 जान बच गई-शिप्रा का कहना है कि उसकी जान बच गई, यह ही बहुत बड़ी बात हैं। क्योंकि अगर उसने बैग पीछे नहीं रखा होता, तो अपराधी सुनसान रास्ते पर उस पर हमला करके भी कैमरा लूट लेते।
Exit mobile version