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ओडिशा के बालसोर, भुवनेश्वर में विश्व मत्स्य दिवस मनाया गया, ओडिशा को पहली बार सर्वश्रेष्ठ समुद्री जिले से किया गया सम्मानित

The Union Minister for Fisheries, Animal Husbandry and Dairying, Shri Purushottam Rupala said at the celebration of World Fisheries Day

समग्र समाचार सेवा
भुवनेश्वर, 22नवंबर। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री, श्री पुरुषोत्तम रूपाला ने आज भुवनेश्वर में विश्व मत्स्य दिवस के समारोह में कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं और भारत सरकार 2024-25 तक इस क्षेत्र से एक लाख करोड़ के निर्यात वाले लक्ष्य की प्राप्ति करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है। श्री रूपाला ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्यों को एक-दूसरे से प्रेरित होने और समुद्री क्षेत्र में विकास के विकल्प की खोज करने की आवश्यकता है। मंत्री ने कहा कि “पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मछली पकड़ने की आवश्यकता है और खपत को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र को बनाए रखने की भी आवश्यकता है,” मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा 2024-25 तक इस क्षेत्र से एक लाख करोड़ का निर्यात प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

श्री रूपाला ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर ज्यादा से ज्यादा जागरूकता उत्पन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने समुद्री क्षेत्र को हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास किया है। भारत सरकार द्वारा मछुआरों और महिलाओं को केसीसी माध्यम से पहले ही सहयोग प्रदान किया जा चुका है।

सरकार जल्द ही केसीसी पर ज्यादा से ज्यादा जागरूकता बढ़ाने के लिए एक व्यापक अभियान की शुरूआत करेगी।“ राष्ट्रीय स्तर के उत्सव में शामिल होते हुए मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री, डॉ. एल मुरुगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए एक अलग मंत्रालय की परिकल्पना की है और तब से बहुत कम समय में इस क्षेत्र की क्षमता को साकार किया गया है और अब देश द्वारा इस क्षेत्र से एक लाख करोड़ की आय प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मत्स्य पालन केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे पांच प्रमुख बंदरगाहों में से एक के लिए पारादीप को शामिल करते हुए डॉ. मुरुगन ने बोला कि “सरकार मत्स्य संपदा योजना को लागू कर रही है और इस योजना के माध्यम से इस क्षेत्र में 20,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। समुद्री शैवाल खेती का एक और हिस्सा है जिस पर सरकार ज्यादा जोर दे रही है। हम मछुआरों को सशक्त बनाने और इस क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’

कार्यक्रम के दौरान कई पुरस्कार प्रदान किए गए। बालसोर, ओडिशा को देश के सर्वश्रेष्ठ समुद्री जिले के रूप में पुरस्कृत किया गया। आंध्र प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ समुद्री राज्य से सम्मानित किया गया, जबकि तेलंगाना को सर्वश्रेष्ठ अंतर्देशीय राज्य पुरस्कार प्राप्त हुआ। मध्य प्रदेश के बालाघाट को सर्वश्रेष्ठ अंतर्देशीय जिला के पुरस्कार से सम्मानित किया गया और और सर्वश्रेष्ठ पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्य और जिला पुरस्कार क्रमशः त्रिपुरा और बोंगईगांव, असम को प्रदान किया गया।

इससे पहले, मंत्रियों और प्रतिनिधियों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर किसानों और उद्यमियों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टालों का अवलोकन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मत्स्य पालन क्षेत्र पर विभिन्न पोस्टर, जिंगल का विमोचन भी किया गया। इस कार्यक्रम में भारत सरकार और ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की भी उपस्थिति थी।

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