Site icon Samagra Bharat News website

आयकर विभाग ने महाराष्ट्र के मुंबई और नवी और पुणे में एक रियल एस्टेट समूह व डेयरी फार्मिंग पर चलाया तलाशी अभियान 

Income tax screws on businessman in Lucknow

समग्र समाचार सेवा

मुंबई, 2 नवंबर। आयकर विभाग ने 25.11.2021 को मुंबई और नवी मुंबई क्षेत्र में आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं के निर्माण में लगे हुए एक रियल एस्टेट समूह पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। यह समूह मुख्य रूप से स्लम बस्तियों के पुनर्वास परियोजनाओं में कार्यरत है। तलाशी कार्रवाई में लगभग 30 परिसरों को शामिल किया गया।

इस तलाशी कार्रवाई के दौरान समूह द्वारा कर चोरी के लिए अपनाए गए के विभिन्न तरीकों का पता लगाया गया। फ्लैटों की बिक्री के भाग के रूप में 100 करोड़ रुपये की नकद प्राप्ति के संदर्भ में बताने वाले कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य प्राप्त किए गए और जब्त किए गए, जिनका नियमित पुस्तकों में कोई उल्लेख नहीं है। तलाशी कार्यवाही के दौरान इस प्रकार के लेन-देन में नगद प्राप्ति के बारे में दर्ज किए गए बयानों में भी पुष्टि की गई है। समूह द्वारा अपनाई गई कार्यप्रणाली में ग्राहकों को ऑन-मनी कंपोनेंट के बराबर वचन पत्रोंको जारी किया जाना शामिल है और फ्लैट के पंजीकरण के बाद इन वचन पत्रों को नष्ट कर दिया जाता था।

न केवल झुग्गी-झोपड़ियों के मूल निवासियों द्वारा अपने मकान को खाली करने के लिए बल्कि कुछ अन्य व्यक्तियों द्वारा झुग्गीवासियों के संपत्तियों को खाली कराने के लिए बेहिसाब नकद भुगतान के संबंध में आपत्तिजनक साक्ष्य प्राप्त किए गए हैं और जब्त किए गए हैं। स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन और अनियमितताओं के बारे में अन्य सबूतों का भी पता चला है।

सबूतों की शुरूआती जांच से पता चला है कि समूह ने नकद में भुगतान करके कंपनी में नियंत्रण हिस्सेदारी प्राप्त की है। आय स्रोत में कर कटौती के प्रावधानों का पालन करने में चूक का भी पता चला है। इस समूह ने अपने द्वारा दावा किए गए कुछ भुगतानों के लिए आय स्रोत पर कर में कटौती नहीं की है, जो कि कुल 300 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

तलाशी के दौरान 6.00 करोड़ रुपये से ज्यादा की बेहिसाब नकदी जब्त की गई है।

आयकर विभाग ने विगत 25 नवम्बर, 2021 को महाराष्ट्र में डेयरी फार्मिंग और दुग्ध उत्पादों में संलग्न पुणे के एक प्रमुख समूह के यहां  तलाशी और जब्ती अभियान शुरू किया था। इस तलाशी अभियान में  भारत के 6 शहरों में फैले 30 से अधिक परिसरों को शामिल  किया गया।

तलाशी की कार्रवाई के दौरान  कई आपत्तिजनक दस्तावेज और कर चोरी के सबूत मिले हैं और उन्हें जब्त किया गया है। इन साक्ष्यों का प्रारंभिक विश्लेषण स्पष्ट रूप से विभिन्न अनियमितताओं और कदाचारों जैसे फर्जी खरीद, बेहिसाब नकद बिक्री, नकद ऋण लेनदेन और उनके पुनर्भुगतान, अस्पष्टीकृत नकद उधारी (क्रेडिट) आदि को अपनाकर कर योग्य आय की चोरी को दर्शाता है। बिक्री के समय नुकसान के गलत दावे अथवा इस दौरान  दुधारू पशुओं की मृत्यु के गलत दावों  आदि को भी पाया गया है।

ऐसे साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं जिनसे यह पता चलता है कि निर्धारिती समूह ने अपनी कर योग्य आय से विशिष्ट कटौती का दावा करने के लिए उचित और अलग खाते के हिसाब की किताबें नहीं बनाई हुई  हैं।

तलाशी अभियान में करीब 2.50 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी और बिना स्पष्टीकरण वाले आभूषण (जेवरात) भी बरामद किए गए हैं। जबकि कुछ बैंक लॉकरों का खोला जाना अभी बाकी है। अब तक की गई तलाशी कार्रवाई में 400 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब आय का पता चला है।   इस सम्बन्ध में आगे की जांच जारी है।

Exit mobile version