Site icon Samagra Bharat News website

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने की विश्व एड्स दिवस समारोह की अध्यक्षता

Dr. Bharti Praveen Pawar, Minister of State for Health and Family Welfare along with Secretary of Health and Family Welfare, Mr. Rajesh

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2 दिसंबर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव श्री राजेश भूषण के साथ विश्व एड्स दिवस समारोह की अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) द्वारा आज नई दिल्‍ली के डॉ. बी. आर. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में किया गया।

विश्व एड्स दिवस 2021 की थीम- ‘एंड इनेक्‍वेलिटीज, एंड एड्स, एंड पैनडेमिक्‍स’ यानी भेदभाव को खत्‍म करें, एड्स को ख्‍त्‍म करें, वैश्विक महामारी को खत्‍म करें- के साथ तालमेल बिठाते हुए केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण राज्‍यमंत्री ने लैंगिक असमानता, उच्च जोखिम वाले समूहों के खिलाफ भेदभाव, आवाज उठाने में असमानता, आय में असमानता और संक्रमितों एवं प्रभावित आबादी को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए काम करने पर ध्यान केंद्रित करने और इन समस्‍याओं से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘जन स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में हमारे प्रयासों को रणनीतिक तरीके से एकजुट किया जाए। साथ ही ध्‍यान रहे कि कोई भी पीछे नहीं छूटना चाहिए जैसा कि सतत विकास लक्ष्यों में अपेक्षा की गई है।’
एचआईवी एड्स के इतिहास को याद करते हुए डॉ. भारती प्रवीण पवार ने कहा, ‘जैसा कि आप सभी जानते हैं, भारत में एचआईवी के पहले मामले की पहचान वर्ष 1986 में तमिलनाडु के चेन्नई में महिला यौनकर्मियों के बीच की गई थी। उसी वर्ष भारत सरकार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय एड्स समिति की स्थापना की थी। उसके बाद, 1992 में सरकार ने एचआईवी एवं एड्स से संबंधित नीतियों की निगरानी करने, रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रमों की देखरेख करने और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (एनएसीपी) को लागू करने के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) की स्थापना की थी।’ उन्‍होंने कहा, ‘तब से एनएसीपी को एचआईवी/एड्स की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए एक व्यापक कार्यक्रम के रूप में भारत में लागू किया गया है। यह कार्यक्रम काफी सफल रहा है और वैश्विक स्‍तर पर इसे काफी सराहा गया है। मित्रों, मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि एनएसीपी-IV के दौरान 20 से अधिक देशों के नीति निर्माताओं और कार्यक्रम कर्मियों ने हमारे कार्यक्रमों से सीखने के लिए एनएसीओ और इसके कार्यान्वयन स्थलों का दौरा किया है।’

डॉ. भारती प्रवीण पवार ने देश भर के छात्रों के साथ भी बातचीत की और उनसे उनके संस्थानों एवं क्षेत्रों में रेड रिबन क्लब के जरिये जारी गतिविधियों पर चर्चा की। उन्होंने दोहराया कि एचआईवी-एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने में युवाओं की भगीदारी काफी महत्वपूर्ण है।

बैठक में अतिरिक्‍त सविच एवं एनएसीओ के महानिदेशक श्री आलोक सक्सेना, एनएसीओ की निदेशक सुश्री निधि केसरवानी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अन्य अधिकारी, विकास भागीदारों के गणमान्य व्यक्ति एवं समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Exit mobile version