समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 3 दिसंबर। राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने आज (2 दिसंबर, 2021) नई दिल्ली में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विधायकों और सांसदों के मंच और डॉ अम्बेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित किए जा रहे पांचवें अंतर्राष्ट्रीय अंबेडकर सम्मेलन का उद्घाटन किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि बाबासाहेब समाज की नैतिक चेतना को जगाने के पक्षधर थे। वे कहते थे कि अधिकारों की रक्षा केवल कानूनों से नहीं की जा सकती, बल्कि समाज में नैतिक और सामाजिक चेतना का होना भी आवश्यक है। उन्होंने हमेशा अहिंसक और संवैधानिक साधनों पर जोर दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि वंचित वर्गों के बहुत से लोग अपने अधिकारों और उनके कल्याण के लिए सरकार की पहल से अवगत नहीं हैं। इसलिए, इस फोरम के सदस्यों की यह जिम्मेदारी है कि वे उन्हें उनके अधिकारों और सरकार की पहल के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि यह उनकी भी जिम्मेदारी है कि वे अनुसूचित जाति और जनजाति के उन लोगों को आगे ले जाएं जो विकास यात्रा में पीछे छूट गए हैं। इस तरह वे डॉ. अम्बेडकर को अपनी सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।