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सुलूर से दिल्ली लाए जा रहे हैं सभी पार्थिव शरीर, पूरे सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार : जनरल बिपिन रावत

India's first Chief of Defense Staff General Bipin Rawat died in a helicopter crash on Wednesday 8 December. A total of 14 people

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 9 दिसंबर।भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत का बुधवार 8 दिसंबर को एक हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन हो गया. वायुसेना के इस हेलीकॉप्टर में क्रू सदस्यों सहित कुल 14 लोग सवार थे, जिसमें जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत के साथ ही कई अन्य वरिष्ट सैन्य अधिकारी थे. हेलीकॉप्टर क्रैश में जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 13 लोगों की मौत हो गई. चश्मदीदों ने बताया था कि दोपहर करीब सवा 12 बजे हुए इस हेलीकॉप्टर दुर्घटनास्थल से 5 शव निकाले गए थे. जनरल बिपिन रावत सहित तीन लोगों को गंभीर अवस्था में वेलिंगटन के आर्मी अस्पताल  में भर्ती कराया गया, जहां उनका निधन हो गया. वायुसेना ने शाम करीब 6 बजे उनके निधन की पुष्टी की. इससे पहले इस बहुत ही सुरक्षित माने जाने वाले एमआई 17वी5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बारे में जानकारी मिलते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई. देश के पहले सीडीएस के घायल होने की खबर के बाद मीटिंगों का दौर चला, रक्षामंत्री ने रक्षा मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक की, रक्षा मामलों पर कैबिनेट कमेटी की बैठक हुई. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज संसद के दोनों सदनों में इस दुर्घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
बता दें कि सीडीएस जनरल बिपिन रावत और अन्य सैन्य अधिकारियों को ले जा रहा वायुसेना का हेलीकॉप्टर बुधवार को तमिलनाडु में कुन्नूर के पास नीलगिरी की पहाड़ियों में क्रैश हो गया था. वायु सेना ने बताया कि जनरल बिपिन रावत डिफेंस सर्विसेज स्टॉफ कॉलेज के दौरे पर जा रहे थे, यहां उन्हें शिक्षकों और छात्रों को संबोधित करना था. इस हादसे में क्रू सदस्यों के अलावा सीडीएस जनरल बिपिन रावत, मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एसएस लिद्दर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार, लांस नायक बी साई तेजा और हवलदार सतपाल भी सवार थे. एमआई 17वी5 हेलीकॉप्टर को बेहद सुरक्षित हेलीकॉप्टर माना जाता है. इसमें दो इंजन होते हैं और वायुसेना के पायलट जो इसे उड़ा रहे थे वह बेहद प्रशिक्षित और अनुभवी होते हैं, जो किसी भी स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित रखते हुए हेलीकॉप्टर को लैंड कराने के लिए ट्रे़न्ड होते हैं. इसके बावजूद इतनी बड़ी दुर्घटना होना और उसमें सीडीएस बिपिन रावत व 12 अन्य की मृत्यु हो जाना एक बड़ा प्रश्न है, जिसका जवाब जांच के बाद ही पता चलेगा.
हेलीकॉप्टर के क्रू सदस्यों में रहे भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की इस हादसे में जान बची है, लेकिन वह भी अभी अस्पताल में मौत से जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. उनका इलाज तमिलनाडु में वेलिंगटन के मिलिट्री अस्पताल में किया जा रहा है. जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत का पार्थिव शरीर आज यानी गुरुवार 9 दिसंबर को दिल्ली लाया जाएगा. इसके बाद शुक्रवार को दिल्ली कैंट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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