Site icon Samagra Bharat News website

सरकार सामाजिक सुरक्षा के सार्वभौमीकरण हासिल करने की दिशा में प्रतिबद्ध: श्री भूपेन्‍द्र यादव

In his keynote address on the occasion, the Union Minister for Labor and Employment, Shri Bhupendra Yadav emphasized on the importance

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 12दिसंबर। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने श्रम और रोजगार मंत्रालय के सहयोग से 10 दिसंबर, 2021 को भारत के संदर्भ में कोविड-19 संकट से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के मानव क्‍ल्‍याण के लिए कार्य करने के लिए ग्लोबल कॉल टू एक्शन पर एक त्रिपक्षीय राष्ट्रीय वार्ता का आयोजन किया।

त्रिपक्षीय सम्मेलन का उद्देश्य भारत के संदर्भ में ग्लोबल कॉल टू एक्शन के चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर चर्चा करना था क) समावेशी आर्थिक विकास और रोजगार; बी) सभी श्रमिकों की सुरक्षा; ग) सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा; घ) सामाजिक संवाद; । सम्मेलन की परिकल्पना भारत में कार्य के भविष्य और निरंतर  विकास के लक्ष्यों के लिए आईएलओ शताब्दी घोषणा के कार्यान्वयन में योगदान देने वाली संगठनों को प्रोत्‍साहन देने और त्रिपक्षीय कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।

इस अवसर पर अपने मुख्य भाषण में, केन्‍द्रीय श्रम और रोजगार मंत्री श्री भूपेन्‍द्र यादव ने देश में नीति निर्माण और कार्यान्वयन के लिए त्रिपक्षीय सामाजिक संवाद और भविष्यवादी दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने समावेशी, लचीले और निरंतर विकास के लिए क्षमता निर्माण, कौशल विकास, कर्मचारियों की व्यावसायिक सुरक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला ताकि हरित नौकरियों और हरित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाया जा सके।

श्री यादव ने कहा कि सरकार सामाजिक सुरक्षा के सार्वभौमिकरण की दिशा में प्रतिबद्ध है और इस दिशा में उठाया गया एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के डेटा को साक्ष्य-आधारित नीति बनाने और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए ई-श्रम पोर्टल का शुभारंभ है।

मंत्री महोदय ने आगे बताया कि मंत्रालय का श्रम ब्यूरो प्रवासी कामगारों, घरेलू कामगारों, परिवहन क्षेत्र के कामगारों पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण कर रहा है, जिससे श्रमिकों के कल्याण के लिए नीतियां विकसित करने में मदद मिलेगी। सरकार और सामाजिक भागीदारों के सामूहिक प्रयासों और बेहतर निर्माण के लिए रचनात्मक त्रिपक्षीय सामाजिक संवाद के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

दो चर्चाएं भी आयोजित की गई। ‘सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा और सभी श्रमिकों की सुरक्षा’ पर पहली चर्चा की अध्यक्षता एमओएलई, सचिव, श्री सुनील बर्थवाल ने की जिसमें महाराष्ट्र सरकार की प्रधान सचिव सुश्री विनीता सिंघल, वरिष्ठ विशेषज्ञ प्रो. प्रवीण कुमार सिन्हा,  फिक्की के महानिदेशक और एआईओई (नियोक्ता प्रतिनिधि) के कार्यकारी निदेशक श्री अरुण चावला और सुश्री मनाली शाह, राष्ट्रीय सचिव, सेवा (श्रमिक प्रतिनिधि) ने भाग लिया।

Exit mobile version