समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 15 दिसंबर। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि लखीमपुर खीरी कांड के मुद्दे पर उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। दोपहर 2 बजे तक लोकसभा के स्थगन के बाद राहुल ने कहा, “वे हमें बोलने नहीं दे रहे हैं, इसलिए सदन को बाधित किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा, “रिपोर्ट आ गई है और उनके मंत्री शामिल हैं, इसलिए इस पर चर्चा होनी चाहिए,” उन्होंने बुधवार को लोकसभा में लखीमपुर खीरी की घटना और राज्य मंत्री अजय मिश्रा को हटाने पर चर्चा के लिए कई स्थगन नोटिस दिए। एसआईटी रिपोर्ट के बाद टेनी ने हिंसा को “पूर्व नियोजित” करार दिया।
राहुल गांधी ने पार्टी के मुख्य सचेतक के. सुरेश और मनिकम टैगोर के साथ मिलकर तेनी को हटाने के लिए दबाव डाला, जिनके बेटे ने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तीन विवादास्पद कृषि कानूनों का विरोध करते हुए चार किसानों की हत्या कर दी थी।
दरअसल, एसआईटी जांच टीम के बयान के बाद राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेता सरकार पर हमलावर हो गए हैं। एसआईची जांच टीम ने लखीमपुर खेरी हिंसा मामले में नई धाराएं बढ़ाते हुए मामले को दुर्घटना का नहीं बल्कि सोची समझी हत्या की साजिश बताया है। अब तक एसआईटी एक्सीडेंटल केस के साथ ही विकल्प के रूप में हत्या की धाराओं के साथ मैदान में थी, जबकि सोमवार को एसआईटी से जुडे़ मुख्य विवेचक विद्याराम दिवाकर ने साफ कर दिया कि बारीकी से जांच करने पर यह स्पष्ट हुआ है कि लापरवाही और उपेक्षापूर्वक गाड़ी चलाते हुए मृत्यु कारित करने का दुघर्टना मामला नहीं है बल्कि सोची समझी साजिश के चलते भीड़ को कुचलने हत्या करने और हत्या के प्रयत्न के साथ ही अंग भंग करने की साजिश का साफ-साफ मामला है।
राहुल गांधी ने लगाया आरोप, बोले- लखीमपुर खीरी मामले पर हमें बोलने नहीं दिया जा रहा

