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राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कबीरधाम जिले के बैगाओं की सुनी समस्याएं, जिला प्रशासन को दिए आवश्यक निर्देश

समग्र समाचार सेवा
रायपुर, 31 दिसंबर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से राजभवन में कवर्धा जिले के बैगा आदिवासियों के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंटकर अपनी समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल से भेंट के लिए पहले से मुलाकात का समय नहीं लिया था। राज्यपाल को जब यह बताया गया कि वे कबीरधाम जिले से केवल उनसे मिलने के लिए आए हैं तब उन्होंने प्रतिनिधिमण्डल को राजभवन में बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। राज्यपाल ने कबीरधाम जिले के कलेक्टर से दूरभाष से बात कर उनकी मांगों के संबंध में चर्चा कर उसे दूर करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कलेक्टर से कहा कि वे प्रतिनिधिमण्डल से मिलकर उनकी मांगों पर समुचित कार्यवाही करें और इसके पश्चात इस संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमण्डल से कहा कि अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और संगठित होकर अपने समुदाय की बेहतरी के लिए प्रयास करें। उन्होंने कहा कि वे हमेशा से वंचित वर्ग के अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रयत्न करती हैं।
राज्यपाल को प्रतिनिधियों ने बताया कि काफी बड़ी संख्या में बैगा आदिवासियों को वन अधिकार अधिनियम के तहत् आवासीय पट्टे नहीं मिले हैं।

इसके अलावा अन्य शासकीय योजनाओं जैसे उज्ज्वला योजना, आयुष्मान योजना और किसान सम्मान योजना का भी लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। कुछ गांवों में आंगनबाड़ी भी संचालित नहीं हो रहे हैं, जिससे वहां के बच्चों और माताओं को पोषण आहार का लाभ नहीं मिल रहा है। प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि कवर्धा जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को पांचवी अनुसूची में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने बताया कि वहां पहाड़ी इलाकों में पीने के पानी की उपलब्धता नहीं है, स्कूलों में शिक्षक नहीं आते। प्रतिनिधिमण्डल ने यह मांग की है कि बैगाओं को सीधी भर्ती में विशेष लाभ मिले। इस अवसर पर आदिवासी जनमन अधिकार मंच छत्तीसगढ़ की संयोजिका श्रीमती इंदू नेताम, श्रीमती अनीमा, श्री लमतू बैगा, श्रीमती जया ध्रुव, श्री चन्दन धुर्वे एवं अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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