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श्री नितिन गडकरी ने देश के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केन्‍द्र और राज्य सरकारों के मध्‍य सहयोग का आह्वान किया

The Union Minister for Road Transport and Highways, Shri Nitin Gadkari, yesterday called for cooperation between the Central and State

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 18जनवरी। केन्‍द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कल देश के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केन्‍द्र और राज्य सरकारों के मध्‍य सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के भारत के विजन को पूरा करने में बुनियादी ढांचे का विकास महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित दक्षिण क्षेत्र के लिए ‘‘पीएम-गति शक्ति’’ विषय पर आयोजित एक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए, श्री गडकरी ने कहा कि केन्‍द्र और राज्‍य के मध्‍य सहयोग और संचार को बढ़ाए जाने की जरूरत है। उन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्यों के सुझावों का भी स्वागत किया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री बी.एस. बोम्मई ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार और राज्यों की प्रमुख मेगा परियोजनाओं में सहयोग और समन्वय करने का समय आ गया है। उन्होंने केन्‍द्र सरकार से निवेश को अधिक-से-अधिक बढ़ाने के लिए मंजूरी में तेजी लाने और वित्त क्षेत्र में नियमों में छूट देने का अनुरोध किया।

पुदुचेरी की उप-राज्‍यपाल डॉ. (श्रीमती) तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा कि बहु-मोडल कनेक्टिविटी जनता और सामान की आवाजाही के लिए संपर्क सुविधा प्रदान करेगी। पुदुचेरी के मुख्यमंत्री श्री एन. रंगासामी ने पुदुचेरी आने वाले लोगों के लिए यातायात की भीड़ को कम करने, हेलि‍पैड सेवाओं और हवाई अड्डा सुविधाओं के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के महत्व बारे में जानकारी दी।

अपने संबोधन में सड़क परिवहन और राजमार्ग एवं नागर विमानन राज्‍य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. वी. के. सिंह ने कहा कि ‘‘पीएम-गति शक्ति’’ का उद्देश्य भारत में बहु-मोडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है।

आंध्र प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री एम. गौतम रेड्डी ने कहा कि, देश के दूसरे सबसे बड़े तटीय गलियारों वाला उनका राज्य, भारत की बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के विजन को साकार करने में अपना योगदान दे सकता है। पीएम-गति शक्ति के बारे में बातचीत करते हुए, उन्होंने कहा कि भारत में लॉजिस्टिक लागत अभी भी सकल घरेलू उत्‍पाद की 14 प्रतिशत है, जबकि इसका वैश्विक औसत 8 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री इस लागत को कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम इस लक्ष्य को प्राप्‍त करने में मदद करेगा।

केरल के लोक निर्माण विभाग और पर्यटन मंत्री श्री पी. ए. मोहम्मद रियास ने कहा कि एक मजबूत और लचीला बुनियादी ढांचा देश के आर्थिक विकास की मौलिक जरूरत है और पीएम-गति शक्ति इसके लॉजिस्टिक परिदृश्य को बदल देगी। उन्होंने कहा कि केरल बहु-मोडल कनेक्टिविटी के विकास के लिए अनुकूल परिदृश्य उपलब्‍ध कराता है।

तेलंगाना के नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास, उद्योग और वाणिज्य एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री के. टी. रामा राव ने कहा कि उनके राज्य को राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में केन्‍द्र से पर्याप्त सहायता मिली है, लेकिन रेलवे के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में उन्‍हें केन्‍द्र से अधिक सहायता की जरूरत है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में सचिव श्री गिरिधर अरमाने ने अपने स्वागत संबोधन में राज्य स्तर पर संस्थागत ढांचा तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के लिए एक मास्टर योजना के रोडमैप के विकास के अतिरिक्‍त सभी केन्‍द्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों के अधिकारियों में संवेदनशीलता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है।

इस आयोजन में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, महाराष्ट्र, पुदुचेरी, तमिलनाडु और तेलंगाना राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया। पूरे दिन चलने वाले इस आयोजन में कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर पैनल चर्चाओं का आयोजन हुआ, जिसमें केन्‍द्र और राज्य के अधिकारियों और हितधारकों ने भाग लिया। इस सम्मेलन के दौरान भाग लेने वाले राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों ने अपने-अपने राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में लॉजिस्टिक और बुनियादी ढांचा विकास को लागू करने और उन्‍हें बेहतर बनाने की कार्य योजना में अब तक अर्जित उपलब्धियों के बारे में प्रस्‍तुतियां दीं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सदस्‍य श्री आर.के. पांडे ने ‘‘पीएम-गति शक्ति के लिए रोडमैप कार्यान्‍वयन’’ पर आयोजित पैनल चर्चा के दौरान जानकारी दी। इस सत्र की अध्‍यक्षता सुश्री अलका उपाध्याय, अध्‍यक्ष एनएचएआई ने की। इस अवसर पर राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थिति थे। सुश्री अलका उपाध्‍याय ने इस कार्यक्रम में भाग ले रहे राज्‍यों के वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए कुछ महत्‍वपूर्ण बिंदुओं को सूचीबद्ध भी किया।

इस सम्‍मेलन में एक तकनीकी सत्र का भी आयोजन किया गया जिसे श्री टी. पी. सिंह, महानिदेशक भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (बीआईएसएजी-एन) ने संबोधित किया। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अपर सचिव श्री अमित कुमार घोष ने इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले आठ राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को औद्योगिक विकास, संभावित एमएमएलपी, राज्यों के आर्थिक अवलोकन और लॉजिस्टिक परिदृश्यों के अवलोकन, एनएमपी के उद्देश्यों, कनेक्टिविटी के प्रस्तावित तरीकों तथा लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के अन्‍य विविध पहलुओं की रणनीतियों का प्रदर्शन करने वाली प्रस्तुतियां देने के लिए आमंत्रित किया।

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