Site icon Samagra Bharat News website

विशेष राज्य के दर्जे पर बिहार सत्तारुढ़ गठबंधन में दरार

समग्र समाचार सेवा
पटना, 24 जनवरी।
बिहार के सत्तारुढ़ दल जदयू व भाजपा विशेष राज्य के दर्जे को लेकर खींचतान की भूमिका में हैं। जिससे बिहार की राजनीति का पारा एक बार फिर से चढ़ गया है। बिहार में जदयू और भाजपा गठबंधन वाली डबल इंजन की सरकार है। विशेष राज्य की दर्जे की मांग को लेकर जदयू के ललन सिंह और भाजपा के संजय जायसवाल के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ललन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। विकास दर को हमने बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि अभी नीति आयोग की रिपोर्ट आई है जिसमें यह भी कहा गया है कि हम कई क्षेत्रों में पीछे हैं। नेताओं के बीच जुबानी जंग हो रही है। हालांकि, नीतीश कुमार चुप हैं। जदयू की ओर से लगातार बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग की जा रही है जबकि भाजपा इसे खारिज कर रही है।

भाजपा से इसलिए खफा है जदयू!

सत्तारूढ़ दलों में जदयू भाजपा से इसलिए खफा है क्योंकि हाल में ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा था कि ऐसे कई राज्य हैं जो इस तरह की मांग कर रहे हैं। लेकिन ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं रहा है। विशेष सहायता देने का फैसला भी राष्ट्रीय विकास परिषद करती है। उन्होंने कहा कि जिन-जिन मुख्यमंत्रियों ने इस तरह के पैकेज की मांग की है वह सभी प्रधानमंत्री से मिले हैं। इसके साथ ही संजय जायसवाल ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री इस तरह का डेलिगेशन बनाकर प्रधानमंत्री से मुलाकात करते हैं तो वह भी उसमें शामिल होना चाहेंगे। हालांकि, जयसवाल ने यह भी कह दिया कि अगर बिहार को विशेष पैकेज मिलता है तो वह राज्य के लिए अच्छा होगा।

राज्य के हित में करते रहेंगे बातः ललन

वहीं, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि हम लोग विशेष राज्य की मांग इसलिए कर रहे हैं ताकि यही राज्य के हित में है। उन्होंने कहा कि संसाधन के अभाव में भी बिहार का विकास दर पिछले कई वर्षों से 2 अंकों में है। ललन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। विकास दर को हमने बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि अभी नीति आयोग की रिपोर्ट आई है जिसमें यह भी कहा गया है कि हम कई क्षेत्रों में पीछे हैं। ललन सिंह ने कहा कि अगर हम कई क्षेत्रों में पीछे हैं तो हमें विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा तब तक हम कैसे आगे बढ़ेंगे। हम अपने संसाधनों के बल पर आगे बढ़ रहे हैं।

Exit mobile version