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 मुफ्त वादों की झड़ी का दावा: जब्त करें चुनाव चिंह, रद्द करें दलों के पंजीयनः सुप्रीम कोर्ट

Claim of flurry of free promises: Seize election symbols, cancel registration of parties: Supreme Court

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25 जनवरी। राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं को रिझाने के लिए सरकारी कोष से अतार्किक मुफ्त ‘उपहारों’ के वादे के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शीर्ष कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में ऐसे राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द व उनके चुनाव चिंह जब्त करने की मांग की गई है, जो मतदाताओं को मुफ्त में सुविधाएं देने के वादे कर रहे हैं।  पांच राज्यों के मौजूदा चुनावों में भी आप समेत कई दलों ने आम वोटरों को बिजली व अन्य सुविधाएं मुफ्त में देने का वादा किया है। किसान की कर्जमाफी तो हर चुनाव में बड़ा चुनावी आकर्षण रहा है।

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