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केजरीवाल ने आप उम्मीदवारों से लिया वफादारी निभाने का वादा

Kejriwal said that his party's candidates have pledged through affidavits that they will not indulge in any corrupt practices. Other than this

समग्र समाचार सेवा
पणजी, 2 फरवरी। उप्र, पंजाब, गोवा समेत पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। सभी पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा ठोंक रहीं हैं। लेकिन ऐसे में एक दिलचस्प बात सुनने में आ रही है कि पार्टी अध्यक्ष अपने उम्मीदवारों से वफादारी के प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर करा रहें हैं। ताकि जीतने के बाद वो किसी अन्य पार्टी का दामन न थाम लें। गोवा विधानसभा चुनावों से पहले कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। जहां एक-एक पार्टियां अपने प्रत्याशियों को कसम खिलवा रही हैं। कांग्रेस ने प्रत्याशियों को मंदिर, मजार और चर्च लेजाकर शपथ दिलवाई कि वह पार्टी के लिए वफादार रहेंगे। वहीं अब आम आदमी पार्टी (आप) ने सभी 40 उम्मीदवारों से बुधवार को एक हलफनामा लिया। प्रत्याशियों ने शपथपत्र में हस्ताक्षर किए कि वे भ्रष्टाचार या किसी भी तरह के दोष में शामिल नहीं होंगे और चुनाव जीतने के बाद पार्टी नहीं छोड़ेंगे।

दलबदल एक बहुत बड़ी समस्याः केजरीवाल

आप के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ने कहा, ‘गोवा की राजनीति के साथ सबसे बड़ी समस्या लगातार दलबदल है। हम लोगों द्वारा हमारे उम्मीदवारों को वोट देने से पहले ही इसे खत्म करना चाहते हैं।’ गोवा की सभी 40 विधानसभा सीटों पर 14 फरवरी को चुनाव होने हैं और नतीजे 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे।

हर प्रत्याशी ने दिया केजरीवाल को वचन

केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी के उम्मीदवारों ने हलफनामे के माध्यम से वचन दिया है कि वे किसी भी भ्रष्ट आचरण में शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा वह जीतते हैं तो विधायक के तौर पर आप में ही रहेंगे, किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे।

हलफनामे का उल्लंघन होगा विश्वासघात

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हलफनामा महत्वपूर्ण है क्योंकि आप के किसी भी उम्मीदवार ने इसका उल्लंघन किया तो यह कानूनी तौर पर विश्वास का उल्लंघन होगा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अपने हलफनामों की फोटोकॉपी तटीय राज्य के मतदाताओं के बीच बांटेंगे।

केजरीवाल चुनावी राज्य के चार दिवसीय दौरे पर

आप संयोजक ने कहा कि उनकी पार्टी गोवा में एक ईमानदार सरकार देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए दलबदल न करना सबसे महत्वपूर्ण है। केजरीवाल चुनावी राज्य के चार दिवसीय दौरे पर हैं, जहां उनकी पार्टी सभी 40 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। 2017 के गोवा चुनावों में, आप राज्य में एक भी सीट जीतने में विफल रही थी। वहीं कांग्रेस यहां सबसे बड़ी पार्टी बनी थी लेकिन वह सरकार बनाने से चूक गई थी।

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