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 अपने कार्यकर्ताओं से बोले मोदी- कोरोना का कालखंड क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा

Modi told his workers – the period of Corona will bring revolutionary change

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्‍ली, 2 फरवरी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को वित्‍त वर्ष 2022-23 के लिए भारत का बजट  घोषित किया है। इस बजट में वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण  की ओर से कई अहम घोषणाएं की गई हैं। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बजट को भारत के विकास वाला बजट करार दिया है। उन्‍होंने बुधवार को बीजेपी की ओर से आत्‍मनिर्भर अर्थव्‍यवस्‍था  नामक डिजिटल कार्यक्रम के जरिये बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जैसे पूरी दुनिया बदल गई थी, उसी प्रकार कोरोना महामारी के बाद भी दुनिया में बहुत सारे बदलाव की संभावना है और एक नयी विश्व व्यवस्था तैयार होगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कोरोना का यह कालखंड पूरी दुनिया के लिए एक प्रकार से क्रांतिकारी परिवर्तन है।

भारत की अर्थव्यवस्था का निरंतर विस्तार

इस दौरान उन्‍होंने कहा, ‘पिछले सात वर्षों में सरकार ने जो निर्णय लिए और जो नीतियां बनाईं और पहले की जिन नीतियों में सुधार किए, उसकी वजह से आज भारत की अर्थव्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘सात-आठ साल पहले भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए था। आज भारत की अर्थव्यवस्था 2 लाख 30 हजार करोड़ के आसपास की है।’ उन्होंने कहा कि यह समय भारत के लिए नए सिरे से तैयारी का, नए अवसरों का और नए संकल्पों की सिद्धि का है।

आत्मनिर्भर भारत पर प्रधानमंत्री ने दिया जोर

प्रधानमंत्री ने कहा, बहुत जरूरी है कि भारत आत्मनिर्भर बने और उस आत्मनिर्भर भारत की नींव पर एक आधुनिक भारत का निर्माण हो।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से आज देश में करीब-करीब 9 करोड़ ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचने लगा है और इसमें से करीब 5 करोड़ से ज्यादा पानी के कनेक्शन, जल जीवन मिशन के तहत पिछले 2 वर्ष में दिए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘अब बजट में घोषणा की गई है कि इस साल करीब 4 करोड़ ग्रामीण घरों को पाइप से पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। इस पर 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे।

नदी जोड़ योजना को किया याद

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब गरीब को मूलभूत सुविधाएं मिलती हैं तो वह अपनी ऊर्जा को, अपने विकास, देश के विकास में लगाता है। उन्होंने कहा, ‘इस बजट का भी फोकस गरीब, मध्यम वर्ग और युवाओं को बुनियादी सुविधाएं देने और आय के स्थाई समाधानों से जोड़ने पर है। प्रधानमंत्री ने केन-बेतवा नदी जोड़ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार के बजट में इसके लिए हजारों करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है और इससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर भी बदलने वाली है. उन्होंने कहा, ‘अब बुंदेलखंड के खेतों में और हरियाली आएगी, घरों में पर्याप्त पीने का पानी आएगा, कृषि के लिए खेतों में पानी आएगा।

सस्ता और तेज इंटरनेट भारत की पहचान

आज सस्ता और तेज इंटरनेट भारत की पहचान बन चुका है। बहुत जल्द सभी गांव तक ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी पूरी होगी. 5G सर्विस भारत में ईजी ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को एक अलग ही आयाम देने वाली है। डिजिटल करेंसी की आज चर्चा है. इससे डिजिटल इकॉनॉमी को बहुत बल मिलेगा। ये डिजिटल रुपया अभी जो हमारी फिजिकल करेंसी है उसका ही डिजिटल स्वरूप होगा और इसे आरबीआई द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। इसको फिजिकल करेंसी से एक्सचेंज किया जा सकेगा।

तकनीक का दायरा निरंतर बढ़ाया गया

युवाओं को शिक्षा और स्किल के बेहतर अवसर देने के लिए बीते वर्षों में तकनीक का दायरा निरंतर बढ़ाया गया है। इस बजट में इसे विस्तार देते हुए पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाने का फैसला किया गया है. इससे गरीब बच्चे भी छोटे मोटे कोर्स, क्वालिटी एजुकेशन के साथ आसानी से कर पाएगा।

किसान सम्मान नीधि बढ़ाई गई

इस साल के बजट में पीएम किसान सम्मान नीधि के तहत 68 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये राशि भी पिछले साल की तुलना में ज्यादा है। इसका लाभ भी देश के करीब 11 करोड़ किसानों को होगा। पिछले बजट में फर्टिलाइजर की सब्सिडी 80 हजार करोड़ रुपये से भी कम रखी गई थी, लेकिन कोरोना के कारण अंतरराष्ट्रीय कीमतों में, सप्लाई चेन में गड़बड़ होने के कारण बहुत बड़ा उछाल आया। अब जहां हमने करीब 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, हमें 60 हजार करोड़ रुपये और लगाने पड़े।

ड्रोन किसान का नया साथी बनने वाला है

बीते बजट में हमने किसान रेल और किसान उड़ान की सुविधा सुनिश्चित की, अब किसान ड्रोन किसान का नया साथी बनने वाला है। ड्रोन तकनीक से किसान को तो मदद मिलेगी ही, उत्पादन का रियल टाइम डेटा भी उपलब्‍ध होगा। इससे जुड़े स्टार्ट-अप्स को फंड करने के लिए नाबार्ड के माध्यम से मदद भी दी जाएगी। अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने का एक बड़ा अभियान निरंतर चल रहा है जिसके माध्यम से खेत में ही सोलर पैनल लगाने के लिए मदद दी जा रही है।

रक्षा बजट का भी किया जिक्र

राष्ट्र रक्षा से जुड़े एक और बड़े अभियान की बजट में घोषणा की गई है। ये है – पर्वतमाला परियोजना. ये हिमालय के क्षेत्रों में आधुनिक कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने वाली है। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए हमारी सेनाएं, हमारे जवान दिन-रात जुटे रहते हैं, जान की बाजी भी लगा देते हैं। लेकिन सीमा पर जो जवान तैनात हैं, उनके लिए सीमावर्ती गांव भी किले का काम करते हैं। इसलिए उन सीमावर्ती गांवों की देशभक्ति का जज्बा भी अद्भुत होता है।

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